
दीक्षा लेने घर से निकला था अनुज: कैसे हुआ आश्रम के बाहर से गायब?
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अनुज पिछले काफी समय से संत प्रेमानंद जी महाराज के विचारों और राधा नाम जाप से अत्यधिक प्रभावित था। वह सांसारिक मोह-माया को त्यागकर गुरु चरणों में समर्पित होने और बाकायदा आश्रम से दीक्षा प्राप्त करने का दृढ़ संकल्प लेकर वृंदावन आया था।
घरवालों का कहना है कि अनुज ने वृंदावन पहुंचने के बाद फोन पर संपर्क भी किया था और बताया था कि वह राधा केलि कुंज आश्रम के पास पहुंच चुका है। लेकिन इसके ठीक बाद उसका मोबाइल फोन अचानक स्विच ऑफ आने लगा। शुरुआत में परिजनों को लगा कि आश्रम के सख्त नियमों के चलते मोबाइल जमा करा लिया गया होगा। मगर जब 24 से 48 घंटे बीत जाने के बाद भी अनुज का कोई संपर्क नहीं हुआ, तो अनहोनी की आशंका से घबराए परिजन सीधे वृंदावन भागे चले आए।
‘राधा केलि कुंज’ के बाहर धरने पर बैठे लाचार परिजन: आंखों में आंसू और हाथ में तस्वीर
वृंदावन पहुंचकर जब परिजनों ने आश्रम प्रबंधन से पूछताछ की, तो उन्हें बताया गया कि आश्रम में दीक्षा या प्रवेश की एक तय और कड़ी प्रक्रिया होती है तथा अनुज नाम का युवक आश्रम के अंदर मौजूद नहीं है। आश्रम से कोई स्पष्ट जानकारी न मिलने और बेटे का कोई सुराग न लगने के बाद परेशान परिवार ने राधा केलि कुंज के मुख्य द्वार के बाहर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
हाथों में अपने लापता बेटे की तस्वीर लिए मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। मां का कहना है कि जब तक उसके जिगर के टुकड़े की कोई पुख्ता खबर नहीं मिल जाती, वह यहां से एक कदम भी पीछे नहीं हटेगी। परिजनों की चीख-पुकार और बेबसी को देखकर वहां दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई।
पुलिस प्रशासन में मची खलबली: सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी टीम
आश्रम के बाहर परिजनों के धरने पर बैठने और स्थिति तनावपूर्ण होने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों को शांत कराने की कोशिश की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
मथुरा-वृंदावन पुलिस ने युवक की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की एक विशेष टीम आश्रम के मुख्य द्वार, आसपास के परिक्रमा मार्ग, छटीकरा रोड और रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले रास्तों पर लगे तमाम सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अनुज आश्रम के गेट तक किस समय पहुंचा था और वहां से वह किस दिशा की ओर गया। क्या वह अपनी मर्जी से किसी अन्य एकांत स्थान या घाट की तरफ निकल गया अथवा उसके साथ कोई अनहोनी घटी है, इन सभी कोणों से जांच की जा रही है।
आश्रम के नियम और दीक्षा की सख्त प्रक्रिया
गौरतलब है कि संत प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम ‘राधा केलि कुंज’ में प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त दर्शन और एकांतिक वार्तालाप के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, आश्रम में किसी भी नए साधक को सीधे तौर पर दीक्षा देने या आश्रम में स्थायी निवास की अनुमति देने के नियम बेहद कठोर हैं।
आश्रम प्रबंधन के अनुसार, बिना विधिवत पंजीकरण, बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और माता-पिता की पूर्ण सहमति के किसी भी व्यक्ति को आश्रम का साधक नहीं बनाया जाता। प्रबंधन का यह भी कहना है कि आश्रम के बाहर हजारों की तादाद में श्रद्धालु आते हैं और वे पुलिस जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं ताकि युवक का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
परिजनों की भावुक अपील: ‘हमें सिर्फ हमारा बेटा लौटा दो’
धरने पर बैठे परिवार ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनका किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है, उनका एकमात्र उद्देश्य अपने बच्चे की सकुशल वापसी है। यदि अनुज वैराग्य के मार्ग पर ही चलना चाहता है, तो कम से कम एक बार अपने परिवार से बात करके उन्हें आश्वस्त करे। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि मोबाइल की लास्ट लोकेशन और सर्विलांस की मदद से जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही अनुज की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाएगी।
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