
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए जानलेवा हमले की जांच में बेहद चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग के बाद गिरफ्तार किए गए ओमानी मूल के को-पायलट हमाम अल-हमामी के निजी सामान और डिजिटल उपकरणों की तलाशी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को भारी मात्रा में कट्टरपंथी और जिहादी सामग्री बरामद हुई है।
शुरुआती फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि आरोपी को-पायलट के पास से चरमपंथी वैचारिक साहित्य, कुछ संदिग्ध दस्तावेज और कट्टरपंथी संदेश मिले हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, इन साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है कि यह केवल कॉकपिट के भीतर का कोई आपसी विवाद या मानसिक तनाव का अचानक हुआ विस्फोट नहीं था, बल्कि यह वैचारिक रूप से प्रेरित एक पूर्व-नियोजित आतंकी साजिश की ओर इशारा करता है।
आरोपी पर पहले से लगा था प्रतिबंध: सुरक्षा जांच और स्क्रीनिंग पर गंभीर सवाल
जांच एजेंसियों द्वारा जुटाई गई पृष्ठभूमि रिपोर्ट में एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी को-पायलट हमाम अल-हमामी पर पूर्व में भी संदिग्ध गतिविधियों या वैचारिक झुकाव के चलते कुछ प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयां की गई थीं। सुरक्षा तंत्र के रडार पर होने और संदिग्ध रिकॉर्ड के बावजूद वह एक अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक एयरलाइन के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा और उसे इतनी संवेदनशील उड़ान का जिम्मा कैसे दिया गया, इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है।
फ्लाईदुबई और संबंधित उड्डयन प्राधिकरणों की बैकग्राउंड वेरिफिकेशन प्रक्रिया अब सीधे सवालों के घेरे में आ गई है। सुरक्षा विशेषज्ञ यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या भर्ती और नियमित खुफिया स्क्रीनिंग के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई बड़ी चूक हुई, जिसके चलते एक कट्टरपंथी मानसिकता वाला व्यक्ति 170 से अधिक यात्रियों और चालक दल की जान जोखिम में डालने की स्थिति में पहुंच गया।
14 हजार फीट की भयावह डाइव: भारतीय कैप्टन की जांबाजी ने टाली तबाही
यह खौफनाक मंजर 30 सितंबर को उस समय बना जब विमान आसमान में उड़ान भर रहा था। अचानक को-पायलट ने धारदार हथियार से मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया और विमान के नियंत्रण को नीचे की ओर धकेल दिया। इस अप्रत्याशित हमले के दौरान विमान अनियंत्रित होकर महज कुछ ही सेकंड में करीब 14,000 फीट नीचे गिर गया, जिससे केबिन में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई थी।
गंभीर रूप से लहूलुहान और घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने अद्भुत साहस का परिचय दिया। उन्होंने विमान को पूरी तरह क्रैश होने से बचाए रखा और कॉकपिट का इमरजेंसी एक्सेस खोला। इसके बाद विमान में सवार बहादुर यात्रियों और ऑन-बोर्ड अन्य पायलटों ने कॉकपिट का दरवाजा तोड़कर हमलावर को दबोच लिया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया, जिससे 9/11 जैसी एक और संभावित ऐतिहासिक तबाही टल गई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच तेज: मोसाद और वैश्विक एजेंसियां सक्रिय
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद, यूएई सुरक्षा एजेंसियां और सऊदी अरब का आंतरिक सुरक्षा विभाग संयुक्त रूप से इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गए हैं। जांच का मुख्य केंद्र अब यह पता लगाना है कि क्या आरोपी किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क या स्लीपर सेल के संपर्क में था और क्या उसे सीमा पार से कोई निर्देश दिए गए थे।
आरोपी के पास से बरामद जिहादी सामग्री और उसके पूर्व प्रतिबंधों के इतिहास ने इजरायल और खाड़ी देशों के बीच हवाई सुरक्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी करवा दिया है। यही वजह है कि फ्लाईदुबई ने एहतियातन तेल अवीव के लिए अपनी सभी उड़ानों को निलंबित कर दिया है, ताकि एयरलाइन अपने पूरे स्टाफ की सघन पृष्ठभूमि और सुरक्षा समीक्षा को नए सिरे से अंजाम दे सके।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया