
रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध अब काला सागर (Black Sea) के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और वैश्विक खाद्य आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा बन गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। जेलेंस्की के अनुसार, तटस्थ जलक्षेत्र (Neutral Waters) में मक्का लेकर जा रहे एक असैन्य तुर्किए मालवाहक जहाज पर रूस ने दो आत्मघाती ड्रोनों से भीषण हमला कर दिया। इस जहाज पर भारतीय और अजरबैजानी नागरिक बतौर क्रू मेंबर्स सवार थे।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए पुष्टि की कि इस हमले में जहाज के कैप्टन की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 11 क्रू मेंबर्स को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया गया है। जेलेंस्की के इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों और नई दिल्ली में हड़कंप मच गया है।
‘तटस्थ जलक्षेत्र में आम नागरिकों पर हमला’: जेलेंस्की ने रूस को घेरा
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूसी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे सीधा समुद्री आतंकवाद करार दिया। जेलेंस्की ने लिखा:
“तटस्थ जलक्षेत्र में तुर्किए के स्वामित्व वाले और मक्का ले जा रहे एक नागरिक जहाज पर दो रूसी ड्रोनों द्वारा किया गया यह बेहद भयानक हमला है। जहाज पर अजरबैजान और भारत के नागरिक सवार थे। दुर्भाग्य से अब तक मिली जानकारी के मुताबिक जहाज के कैप्टन की मौत हो चुकी है। एक अन्य व्यक्ति की स्थिति स्पष्ट की जा रही है, जबकि 11 क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया है, जिनमें से एक घायल है। यूक्रेन ने हमेशा काला सागर में तनाव कम करने और समुद्री सुरक्षा के ठोस उपाय सुझाए हैं, लेकिन रूस सामान्य नौवहन के बजाय आतंक और असैन्य जहाजों को डुबोने का रास्ता चुन रहा है। वैश्विक खाद्य सुरक्षा की रक्षा के लिए रूस पर दबाव बनाना जरूरी है।’”
रोमानियाई अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद 139 मीटर लंबे मालवाहक जहाज (MV Royad Mammadov) में भीषण आग लग गई और वह रोमानिया के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के पास गहरे समुद्र में समा गया।
भारतीय दूतावास का राहत भरा बयान: तीनों भारतीय नागरिक सुरक्षित
जेलेंस्की के इस बयान के बाद जब भारत में अपने नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ने लगीं, तो रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास ने तुरंत मोर्चा संभाला और जमीनी स्थिति स्पष्ट की।
भारतीय दूतावास ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि जहाज पर सवार क्रू में तीन भारतीय नागरिक शामिल थे और राहत की बात यह है कि तीनों भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनमें से एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है, जिसे रेस्क्यू के बाद तुरंत रोमानिया के कॉन्स्टेंटा काउंटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रोमानिया में भारत के राजदूत मनोज महापात्रा ने घायल भारतीय नागरिक और अस्पताल के डॉक्टरों से सीधे बात की है। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि उनकी हालत स्थिर है और उचित उपचार दिया जा रहा है। भारतीय दूतावास संबंधित अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन के लगातार संपर्क में है।
एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में भी उठाया था वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का मुद्दा
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के अपने संबोधन में लाल सागर, खाड़ी देशों और काला सागर में मर्चेंट जहाजों और नाविकों (Seafarers) पर हो रहे हमलों पर गंभीर चिंता जताई थी।
डॉ. जयशंकर ने वैश्विक मंच से चेतावनी दी थी कि समुद्री व्यापार मार्गों पर असैन्य जहाजों को निशाना बनाए जाने से भारतीय नाविकों समेत कई निर्दोष लोगों की जान जा रही है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 23 से अधिक साझीदार देशों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का समर्थन किया है।
कूटनीतिक हलकों में हलचल: भारत-रूस संबंधों पर पड़ेगा असर?
जेलेंस्की द्वारा सीधे भारत का नाम लेकर किए गए इस खुलासे को कूटनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन इस घटना के जरिए भारत पर यह नैतिक और कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है कि वह मॉस्को के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों का इस्तेमाल कर रूसी हमलों पर लगाम लगवाए।
यूक्रेनी राजनयिकों ने भी इस पर सख्त बयान जारी करते हुए कहा है कि रूस अब तीसरे देशों और अपने तथाकथित मित्र देशों के नागरिकों की जान की परवाह किए बिना असैन्य बुनियादी ढांचे और जहाजों को निशाना बना रहा है। फिलहाल, भारत सरकार पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और काला सागर में तैनात अपने नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
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