
अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में दान पेटिकाओं और श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे में हुई चोरी का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस संवेदनशील और आस्था से जुड़े प्रकरण में अयोध्या पुलिस की जांच अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस द्वारा मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों के लेनदेन और संदिग्धों के बयानों के सूक्ष्म विश्लेषण के बाद अब इस गिरोह से जुड़े दो और लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी पूरी कर ली गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साक्ष्यों के आधार पर इन दोनों नए संदिग्धों के खिलाफ भी जल्द ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर ठोस कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड्स से खुले नए राज
राम मंदिर परिसर में दान के पैसे के गबन और चोरी का खुलासा होने के बाद पुलिस ने सघन छानबीन शुरू की थी। मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय, दान काउंटर और निकास द्वारों पर लगे हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की कई हफ्तों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे संदिग्ध मूवमेंट्स मिले, जहां दान पेटियों से नकदी की गिनती और उसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के दौरान नियमों की अनदेखी की गई थी। शुरुआती आरोपियों से की गई कड़ी पूछताछ में दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की बात पुख्ता हुई है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों व्यक्ति मंदिर परिसर में दान प्रबंधन और गिनती की प्रक्रिया से किसी न किसी स्तर पर जुड़े हुए थे और उन्होंने पूर्व में पकड़े गए आरोपियों को सहयोग दिया था।
साक्ष्य जुटाने का काम पूरा, चार्जशीट में शामिल होंगे नाम
अयोध्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में कोई भी ढिलाई नहीं बरती जा रही है क्योंकि मामला सीधे तौर पर करोड़ों रामभक्तों की आस्था और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि दोनों नए संदिग्धों के खिलाफ पर्याप्त दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। उनके बैंक खातों, मोबाइल कॉल्स और घटना के समय की मौजूदगी का तकनीकी मिलान कराया गया है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि चोरी की इस साजिश में उनकी भी मिलीभगत थी। पुलिस विधिक राय लेकर इन दोनों के खिलाफ औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने या मौजूदा मुकदमे में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रही है।
मंदिर ट्रस्ट ने बढ़ाई सुरक्षा, नियमों में किए कड़े बदलाव
दान चोरी का यह गंभीर मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी मंदिर परिसर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन को लेकर बेहद सख्त कदम उठाए हैं।
नकदी की गिनती वाले कक्ष में मेटल डिटेक्टर्स, बिना जेब वाले विशेष परिधान और 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू की गई है। साथ ही किसी भी बाहरी या अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की पवित्रता और व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जल्द हो सकता है पूरे मामले का विधिवत खुलासा
पुलिस जांच अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही यह माना जा रहा है कि आने वाले 24 से 48 घंटों में पुलिस इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मीडिया के सामने विस्तृत ब्योरा रख सकती है। दोनों नए संदिग्धों से पूछताछ के बाद कुछ और अहम बरामदगी होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। इस ताजा कार्रवाई ने मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा तंत्र के बीच हड़कंप मचा दिया है।
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