‘शुरुआत अच्छी हुई लेकिन…’ मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने थलपति विजय पर क्या कहा? जानिए पूरी बात

सिनेमा के पर्दे से निकलकर राजनीति के अखाड़े में कदम रखने वाले तमिल सिनेमा के मेगास्टार थलपति विजय (C. Joseph Vijay) की राजनीतिक चर्चा अब केवल तमिलनाडु और भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसकी गूंज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सुनाई देने लगी है। दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रमुख मुस्लिम-बहुल देश मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने विजय की राजनीतिक यात्रा और उनके रुख को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है।

मलेशियाई प्रधानमंत्री ने विजय की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें “तर्क, सिद्धांत और सुशासन की नई आवाज” करार दिया है। हालांकि, तारीफ के साथ-साथ उन्होंने राजनीति के कठिन सफर की हकीकत बयां करते हुए यह भी कहा कि “शुरुआत अच्छी हुई है, लेकिन इसे आगे बरकरार रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।” उनके इस बयान ने दक्षिण भारतीय राजनीति के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी है।

अनवर इब्राहिम ने क्या कहा? ‘तर्क और सिद्धांतों की नई आवाज’

मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने विजय के दृष्टिकोण और जनता के बीच उनकी पकड़ पर बात करते हुए कहा कि जब कोई जननायक सिद्धांतों और सुशासन को प्राथमिकता देकर आगे आता है, तो वह व्यवस्था में एक नई ऊर्जा भरता है। उन्होंने कहा:

  • सुशासन और मूल्यों पर जोर: अनवर इब्राहिम ने विजय के उस विजन की सराहना की जिसमें जाति, धर्म और संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर सुशासन, समता और सामाजिक न्याय को केंद्र में रखा गया है।

  • शुरुआत और निरंतरता की चुनौती: मलेशियाई पीएम ने अपनी टिप्पणी में कहा, “शुरुआत बहुत अच्छी और उत्साहजनक हुई है, लेकिन सत्ता और राजनीति की राह में इस गति व सिद्धांतों को लंबे समय तक बनाए रखना (Sustain करना) ही असली परीक्षा होती है।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनवर इब्राहिम खुद अपने देश में दशकों के राजनीतिक संघर्ष, जेल और कड़े इम्तिहानों से गुजरकर प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे हैं, इसलिए उनकी यह टिप्पणी विजय के लिए एक अनुभवी राजनेता की परिपक्व सलाह के रूप में देखी जा रही है।

मलेशिया और तमिल समुदाय का गहरा नाता

मलेशिया के प्रधानमंत्री द्वारा विजय पर सार्वजनिक बयान दिए जाने की एक बड़ी सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय वजह भी है।

  • बड़ी तमिल आबादी: मलेशिया में लाखों की संख्या में भारतीय मूल के नागरिक रहते हैं, जिनमें 80 प्रतिशत से अधिक तमिल भाषी समुदाय है।

  • मलेशिया में थलपति विजय की लोकप्रियता: मलेशिया, सिंगापुर और श्रीलंका जैसे देशों में तमिल सिनेमा और विशेषकर रजनीकांत, कमल हासन के बाद थलपति विजय की फिल्मों का जबर्दस्त क्रेज रहता है। वहां के तमिल प्रवासियों में विजय की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है।

  • ऐसे में जब विजय ने ‘तमिझगा वेत्री कझगम’ (TVK) के जरिए अपनी राजनीतिक पारी को धार दी, तो मलेशिया में रहने वाले तमिल प्रवासियों और वहां के नेतृत्व ने भी उनके इस बदलाव पर गहरी नजर रखी।

सिनेमा से सियासत का सफर: लगातार चर्चा में हैं विजय

अपनी पार्टी के गठन के समय से ही विजय ने स्पष्ट कर दिया था कि उनकी राजनीति समतावाद (Egalitarianism), धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय पर आधारित होगी। जहां उनके कई फैसलों और बयानों ने स्थानीय स्तर पर तीखी सियासी बहस और विवादों को जन्म दिया, वहीं युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार मजबूत बनी हुई है।

मलेशियाई प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब विजय के प्रशासनिक और राजनीतिक कदमों की तुलना तमिलनाडु के पुराने स्थापित दलों (जैसे DMK और AIADMK) से की जा रही है। अनवर इब्राहिम के इस बयान को जहां विजय के समर्थक एक ‘वैश्विक मान्यता’ के रूप में देख रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि मलेशियाई पीएम ने भी यह रेखांकित कर दिया है कि चुनावी जीत और लोकप्रियता को वास्तविक शासन (Governance) में बदलना कोई आसान काम नहीं है।

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