स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना संग वायरल ऐड पर ट्रोलर्स के निशाने पर आए मुकेश खन्ना ने तोड़ी चुप्पी, दोहरे मापदंड के आरोपों पर दिया करारा जवाब

भारतीय टेलीविजन इतिहास के पहले और सबसे लोकप्रिय सुपरहीरो ‘शक्तिमान’ और धारावाहिक ‘महाभारत’ में भीष्म पितामह का अमर किरदार निभाकर घर-घर में पूजनीय बने वरिष्ठ अभिनेता मुकेश खन्ना इन दिनों सोशल मीडिया पर एक अप्रत्याशित विवाद के केंद्र में आ गए हैं। हमेशा भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, संस्कारों और अश्लीलता के खिलाफ मुखर रहने वाले 66 वर्षीय अभिनेता को उस वक्त प्रशंसकों और नेटिजन्स की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा, जब वे अपने विवादित डार्क ह्यूमर और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर युवा स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना के साथ एक डिजिटल विज्ञापन में स्क्रीन साझा करते नजर आए। अपनी बेबाकी और खरी-खरी राय रखने के लिए पहचाने जाने वाले मुकेश खन्ना पर सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘दोहरा चरित्र’ अपनाने और ‘पैसों के लिए अपने ही बनाए सिद्धांतों से समझौता करने’ के आरोप लगाने शुरू कर दिए।

लगातार हो रही ट्रोलिंग और इंटरनेट पर छिड़ी गरमा-गरम बहस के बाद अब खुद मुकेश खन्ना ने सामने आकर इस पूरे विवाद पर अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। अपने यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया बयानों के जरिए सफाई पेश करते हुए वरिष्ठ अभिनेता ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी अपने उसूलों का सौदा नहीं किया है और न ही कभी करेंगे। उन्होंने आलोचकों को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि ‘शक्तिमान’ कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे कोई खरीद सके, शक्तिमान बिकाऊ नहीं है और उसकी वैचारिक गरिमा आज भी उतनी ही अडिग है जितनी तीन दशक पहले थी।

ट्रोलिंग पर मुकेश खन्ना का पलटवार: ‘शक्तिमान का किरदार किसी सौदे का मोहताज नहीं’

सोशल मीडिया पर उपजे असंतोष को शांत करते हुए मुकेश खन्ना ने कहा कि लोगों ने एक सामान्य व्यावसायिक विज्ञापन को अनावश्यक रूप से उनकी पूरी विचारधारा और शक्तिमान की विरासत से जोड़कर बतंगड़ बना दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक पेशेवर अभिनेता होने के नाते किसी विज्ञापन की पटकथा पर अभिनय करना और किसी व्यक्ति की पूरी जीवनशैली या उसकी निजी कॉमेडी सामग्री का समर्थन करना, दोनों बिल्कुल अलग बातें हैं। उन्होंने कहा कि उनके आलोचक यह भूल जाते हैं कि शक्तिमान केवल एक टीवी शो नहीं, बल्कि करोड़ों बच्चों और बड़ों के दिलों में बसा एक नैतिक विचार है, जिसे उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा है।

मुकेश खन्ना ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में कभी किसी पान मसाला, गुटखा, शराब या किसी ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का प्रचार नहीं किया, जबकि इसके लिए उन्हें करोड़ों रुपये के प्रस्ताव दिए गए थे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब बड़े-बड़े सुपरस्टार चंद पैसों के लिए समाज को गुमराह करने वाले विज्ञापनों में बेधड़क नजर आते हैं, तब उन्होंने हमेशा नैतिकता की सीमा रेखा कभी नहीं लांघी। समय रैना के साथ किए गए विज्ञापन का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि उस विज्ञापन का कॉन्सेप्ट केवल एक व्यंग्य और हल्की-फुल्की नोकझोंक पर आधारित था, जिसमें किसी भी प्रकार की फूहड़ता या भारतीय संस्कृति का अपमान शामिल नहीं था। इसलिए यह कहना कि वे ‘बिक गए’, उनकी वर्षों की तपस्या और ईमानदारी का सरासर अपमान है।

समय रैना और मुकेश खन्ना का अप्रत्याशित मेल: सोशल मीडिया पर क्यों मचा था बवाल?

इस पूरे विवाद की जड़ वह वीडियो विज्ञापन था, जिसमें मुकेश खन्ना और स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना एक साथ नजर आए थे। समय रैना मौजूदा दौर में युवाओं के बीच अपने बेहद तीखे, अपरंपरागत और अक्सर विवादों में रहने वाले ‘डार्क कॉमेडी’ शो (जैसे ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’) के लिए जाने जाते हैं। समय रैना की कॉमेडी का दायरा अक्सर उन सीमाओं को छूता है जिन्हें पारंपरिक भारतीय समाज में मर्यादा के दायरे से बाहर माना जाता है।

दूसरी तरफ, मुकेश खन्ना की सार्वजनिक छवि एक ऐसे ‘संस्कृति रक्षक’ की रही है जो आधुनिक वेब सीरीज में गाली-गलौज, ओटीटी पर दिखाई जाने वाली नग्नता, अश्लील कॉमेडी और बॉलीवुड की पश्चिमी नकल पर अक्सर लाल-पीले होते रहे हैं। उन्होंने कपिल शर्मा के शो से लेकर रणबीर कपूर की ‘रामायण’ और रणवीर सिंह के न्यूड फोटोशूट तक पर खुलकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। ऐसे में जब इंटरनेट यूजर्स ने रूढ़िवादी संस्कारों की बात करने वाले मुकेश खन्ना को समय रैना के साथ देखा, तो सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई। यूजर्स ने खन्ना के पुराने वीडियोज निकालकर उन पर यह तंज कसना शुरू कर दिया कि जो व्यक्ति दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाता था, वह खुद युवाओं को भटकाने वाले कॉमेडियन के साथ स्क्रीन स्पेस साझा कर रहा है।

नैतिक मूल्यों और दोहरे मापदंड के आरोपों पर जवाब: कहां खींचते हैं लक्ष्मण रेखा?

मुकेश खन्ना ने अपने ऊपर लगे ‘हिपोक्रेसी’ (दोहरे मापदंड) के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि वे आज भी अश्लीलता, अभद्र भाषा और फूहड़ कॉमेडी के उतने ही सख्त विरोधी हैं जितने पहले थे। उन्होंने कहा कि किसी सह-कलाकार के साथ एक पेशेवर कमर्शियल शूट करने का यह अर्थ कतई नहीं है कि वे उस कलाकार द्वारा अपने निजी शो में कही जाने वाली हर बात या उसकी पूरी कॉमेडी शैली का समर्थन करते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब यह विज्ञापन उनके पास आया था, तो उन्होंने सबसे पहले उसकी स्क्रिप्ट और संवादों की बारीकी से जांच की थी। उन्होंने प्रोडक्शन टीम को पहले ही साफ कर दिया था कि विज्ञापन में कोई भी द्विअर्थी संवाद, अपमानजनक टिप्पणी या शक्तिमान के प्रतीकों का उपहास उड़ाने वाला दृश्य नहीं होना चाहिए। निर्माताओं ने उनकी सभी शर्तों का सम्मान किया और विज्ञापन को पूरी तरह पारिवारिक व मनोरंजक दायरे में ही शूट किया गया। खन्ना ने सवाल दागा कि क्या किसी अभिनेता को काम करने से पहले यह देखना चाहिए कि उसका सह-कलाकार अपने व्यक्तिगत जीवन में क्या करता है? उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होने लगा तो इंडस्ट्री में कोई किसी के साथ काम ही नहीं कर पाएगा, महत्वपूर्ण यह है कि कैमरे के सामने जो प्रस्तुत किया जा रहा है, वह समाज के लिए कितना स्वीकार्य है।

शक्तिमान की विरासत और रीबूट प्रोजेक्ट पर क्या है ताजा रुख?

इस स्पष्टीकरण के दौरान मुकेश खन्ना ने अपने बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट ‘शक्तिमान’ के बड़े पर्दे पर रीबूट को लेकर भी बात की। पिछले कुछ वर्षों से शक्तिमान पर 200 से 300 करोड़ रुपये के बजट वाली एक भव्य अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्म बनाने की चर्चाएं चल रही हैं, जिसमें पहले रणवीर सिंह का नाम बतौर मुख्य अभिनेता सामने आया था। हालांकि, मुकेश खन्ना ने कई मौकों पर यह स्पष्ट कर दिया था कि वे शक्तिमान की मूल आत्मा, उसके लाल-सुनहरे परिधान और उसके आध्यात्मिक संदेश से कोई समझौता नहीं होने देंगे।

उन्होंने अपने प्रशंसकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शक्तिमान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष की धरोहर है। वे आज भी अपने यूट्यूब चैनल ‘भीष्म इंटरनेशनल’ के माध्यम से बच्चों और युवाओं को सही मार्ग दिखाने, राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने और समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का काम बिना किसी स्वार्थ के कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंद सेकंड के विज्ञापन को देखकर जो लोग उनके तीन दशकों के बेदाग सामाजिक योगदान पर उंगली उठा रहे हैं, उन्हें अपने सोचने के नजरिए को सुधारना चाहिए।

मुकेश खन्ना द्वारा दी गई इस विस्तृत और बेबाक सफाई के बाद उनके वफादार प्रशंसकों ने राहत की सांस ली है और सोशल मीडिया पर कई लोग उनके समर्थन में उतर आए हैं। समर्थकों का कहना है कि एक विज्ञापन में काम करने भर से किसी कलाकार के जीवनभर के सिद्धांतों को खारिज नहीं किया जा सकता। हालांकि, आधुनिक डिजिटल मीडिया और ट्रोल संस्कृति के इस दौर में यह घटना साबित करती है कि जब कोई सार्वजनिक हस्ती खुद को नैतिकता के ऊंचे पायदान पर स्थापित करती है, तो जनता की नजरें उसके हर छोटे-बड़े कदम पर बेहद पैनी हो जाती हैं। मुकेश खन्ना ने साफ कर दिया है कि वे किसी आलोचना से डरने वाले नहीं हैं और ‘शक्तिमान’ की आभा और आदर्शों पर कोई भी आंच नहीं आने दी जाएगी।

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