धुरंधर 2 की रिलीज ने फिर ताज़ा की माफिया अतीक अहमद की दहशत, बड़े पर्दे पर ‘आतिफ’ के रसूख की पूरी इनसाइड स्टोरी..

मनोरंजन डेस्क । बॉक्स ऑफिस पर हालिया रिलीज फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज होते ही गलियारों में हलचल मचा दी है। फिल्म की कहानी और इसके मुख्य किरदारों ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया अतीक अहमद की यादें ताजा कर दी हैं। हालांकि फिल्म में सीधे तौर पर अतीक का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन ‘आतिफ अहमद’ के रूप में पेश किया गया किरदार पूरी तरह से अतीक के जीवन, उसके अपराध जगत और राजनीतिक साम्राज्य से प्रेरित नजर आ रहा है। दर्शक इस किरदार के जरिए माफिया के उस दौर को देख रहे हैं जब सत्ता और अपराध का गठजोड़ चरम पर था।

अपराध से राजनीति तक का खूनी सफर

फिल्म ‘धुरंधर 2’ में दिखाया गया है कि कैसे एक सामान्य अपराधी धीरे-धीरे राजनीति की सीढ़ियां चढ़कर सफेदपोश बन जाता है। आतिफ अहमद का किरदार ठीक उसी तरह बुना गया है, जैसे अतीक अहमद ने दशकों तक प्रयागराज और आसपास के इलाकों में अपना दबदबा बनाए रखा था। फिल्म में उन बारीकियों को भी फिल्माया गया है कि कैसे चुनाव जीतने के बाद अपराध के मुकदमों को रसूख के दम पर दबाया जाता था। माफिया से माननीय बनने की इस जद्दोजहद को बड़े पर्दे पर बेहद सजीव तरीके से पेश किया गया है, जिसे देख लोग अतीक के आपराधिक इतिहास की तुलना कर रहे हैं।

जेल के भीतर से चलता था साम्राज्य

इस फिल्म का सबसे चर्चित और रोमांचक हिस्सा वह है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे जेल की सलाखें भी माफिया के हौसलों को कम नहीं कर पाई थीं। ‘धुरंधर 2’ में आतिफ अहमद को जेल के अंदर से अपना पूरा नेटवर्क चलाते हुए और गुर्गों को दिशा-निर्देश देते हुए दिखाया गया है। यह सीन ठीक अतीक अहमद के उन किस्सों की याद दिलाता है जब साबरमती या नैनी जेल में रहते हुए भी उसके नाम की दहशत खत्म नहीं हुई थी। फिल्म में तकनीकी और सिंडिकेट के उस जाल को भी उजागर किया गया है जिसके जरिए फिरौती और धमकियों का खेल खेला जाता था।

रीयल लाइफ से प्रेरित रील लाइफ की कहानी

सिनेमाई गलियारों में चर्चा है कि ‘धुरंधर 2’ के मेकर्स ने अतीक अहमद के जीवन से जुड़ी कई अनसुनी घटनाओं को फिल्म की पटकथा का हिस्सा बनाया है। फिल्म की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर माफिया राज और उसके खात्मे को लेकर बहस छिड़ गई है। फिल्म के संवाद और आतिफ अहमद का अंदाज हूबहू उसी दबंगई की याद दिलाता है, जिसे अतीक का ट्रेडमार्क माना जाता था। फिलहाल यह फिल्म न केवल एक क्राइम ड्रामा के तौर पर पसंद की जा रही है, बल्कि अतीक अहमद की चर्चा को भी फिर से मुख्यधारा में ले आई है।

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