लखनऊ | उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपनी रणनीति का शंखनाद कर दिया है। मंगलवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित राज्य और जिला स्तरीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती ने साफ कर दिया कि आगामी चुनावों में पार्टी किसी भी दागी या आपराधिक तत्व को टिकट नहीं देगी। साथ ही, उन्होंने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के नारे को दोहराते हुए टिकटों के बंटवारे में समाज के हर वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व देने का निर्देश दिया है।
2027 का चुनावी ब्लूप्रिंट: मायावती के 5 बड़े निर्देश
मायावती ने संगठन की जमीनी मजबूती और आर्थिक आधार बढ़ाने के लिए पदाधिकारियों को स्पष्ट गाइडलाइंस दी हैं:
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दागियों पर पाबंदी: दूसरी पार्टियों के उलट बसपा आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों से दूरी बनाए रखेगी।
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सर्वसमाज को भागीदारी: प्रत्याशियों की लिस्ट तैयार करते समय ‘सर्वजन’ यानी सभी जातियों और वर्गों को समुचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
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मिशनरी भावना: कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में भरपूर निष्ठा और लगन के साथ जुटने को कहा गया है, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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जमीनी पकड़: प्रोग्रेस रिपोर्ट को बेहतर बनाने और जनाधार बढ़ाने के लिए गांव-गांव तक पहुंचने का लक्ष्य।
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सरकारी विफलताएं: महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति।
महंगाई और वैश्विक युद्ध पर सरकार को घेरा
मायावती ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता ‘जुमलेबाजी’ से त्रस्त है। उन्होंने ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का जिक्र करते हुए कहा:
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महंगाई की मार: युद्ध के कारण रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल के संकट से आम आदमी की कमर टूट गई है।
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गरीबी में आटा गीला: पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि ने मेहनतकश समाज की परेशानियों को दोगुना कर दिया है।
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रोजगार का संकट: ‘आत्मनिर्भरता’ केवल एक स्लोगन बनकर रह गया है, जबकि हकीकत में रोजगार की समस्या विकट होती जा रही है।
14 अप्रैल: अंबेडकर जयंती पर शक्ति प्रदर्शन
आगामी 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर बसपा बड़े स्तर पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में है। मायावती ने निर्देश दिया है कि:
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प्रदेश के सभी 18 मंडलों से कार्यकर्ता अपने परिवार समेत लखनऊ स्थित अंबेडकर स्मारक पहुंचें।
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बाबा साहेब को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ ही इसे एक बड़े ‘मिशनरी’ आयोजन के रूप में मनाया जाए।
“जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना जरूरी”
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि नोटबंदी और कोरोना जैसी आपदाओं के बाद जनता अब बसपा की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपनी “कथनी और करनी” में समानता रखकर जनता का विश्वास जीतें ताकि 2027 में बसपा एक मजबूत विकल्प बनकर उभरे।
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