लखनऊ। सालों की कड़ी मेहनत, किताबों के बीच गुजारे अनगिनत घंटों और मसूरी की वादियों (LBSNAA) में कड़े प्रशिक्षण के बाद उत्तर प्रदेश कैडर के 2025 बैच के 21 प्रशिक्षु IAS अधिकारियों का फील्ड सफर शुरू होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश शासन ने इन युवा अधिकारियों को प्रोफेशनल कोर्स फेज-1 की समाप्ति के बाद राज्य के अलग-अलग जनपदों में ‘सहायक मजिस्ट्रेट’ और ‘सहायक कलेक्टर’ के रूप में तैनात कर दिया है। शासन के संयुक्त सचिव अरुणेश कुमार द्विवेदी द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, ये सभी अधिकारी 17 अप्रैल 2026 को जिलों में अपनी आमद दर्ज कराएंगे।
कहां किसे मिली तैनाती? देखें पूरी लिस्ट
यूपी के 21 जिलों में तैनात किए गए इन प्रशिक्षु अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:
| अधिकारी का नाम | तैनात जनपद | अधिकारी का नाम | तैनात जनपद |
| शक्ति दुबे | मुरादाबाद | कोमल पुनिया | इटावा |
| आदित्य विक्रम अग्रवाल | अयोध्या | मयंक त्रिपाठी | कुशीनगर |
| हेमंत | आगरा | संस्कृति त्रिवेदी | हरदोई |
| रिया सैनी | वाराणसी | शिवांश सुभाष जगाड़े | बलरामपुर |
| शिवम सिंह | प्रयागराज | सलोनी गौतम | मथुरा |
| सिद्धार्थ सिंह | आजमगढ़ | श्वेता | लखनऊ |
| रेखा सियाक | बांदा | आयुष जायसवाल | अलीगढ़ |
| अपूर्वा सिंह | बस्ती | आयुष सैनी | झांसी |
| मुकुल खांडेलवाल | गोरखपुर | थनीगैयारासन टी. | अम्बेडकर नगर |
| संदीप कुमार | कानपुर नगर | रामभ्रोश सरन | सहारनपुर |
| विद्यांशु शेखर झा | बाराबंकी |
मसूरी से सीधे यूपी के जिलों तक का सफर
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी से 17 अप्रैल को कार्यमुक्त होने के बाद ये सभी अधिकारी सीधे अपने आवंटित जिलों में पहुंचेंगे। वहां वे संबंधित जिलाधिकारी (DM) के समक्ष अपनी योगदान आख्या (Joining Report) प्रस्तुत करेंगे। शासन ने प्रशिक्षु अधिकारियों की सुगम यात्रा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कार्मिक विभाग के विशेष सचिव विजय कुमार को नोडल अधिकारी नामित किया है।
एस्पिरेंट से ऑफिसर तक: अब शुरू होगी असली परीक्षा
UPSC का फाइनल रिजल्ट आने के बाद एक ‘एस्पिरेंट’ रातों-रात ‘ऑफिसर ट्रेनी’ तो बन जाता है, लेकिन असली प्रशासनिक चुनौतियां फील्ड ट्रेनिंग के दौरान ही सामने आती हैं। सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में इन अधिकारियों को जमीन स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व मामलों और कानून-व्यवस्था की बारीकियों को सीखने का मौका मिलेगा। मसूरी की ‘हैप्पी वैली’ की ट्रेनिंग के बाद अब यूपी के इन 21 जिलों की जनता और प्रशासनिक ढांचा ही इनकी असली प्रयोगशाला होगी।
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