जेडी वेंस ने भारतीय ससुराल वालों को बताया ‘महान’, बोले- “ससुर ने कभी नहीं कहा कि भारत के हित में कुछ करो”

वाशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बार फिर अपने भारतीय मूल के ससुराल वालों और अपनी पत्नी उषा वेंस के परिवार के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त किया है। जॉर्जिया विश्वविद्यालय में आयोजित ‘टर्निंग पॉइंट यूएसए’ कार्यक्रम के दौरान वेंस ने न केवल भारतीय प्रवासियों के योगदान की सराहना की, बल्कि H-1B वीजा प्रणाली में जारी धोखाधड़ी और ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति पर भी अपनी बेबाक राय साझा की।

भारतीय ससुराल वालों की तारीफ: “अमेरिका को बनाया समृद्ध”

कार्यक्रम में एक भारतीय मूल की महिला द्वारा ग्रीन कार्ड बैकलॉग पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए जेडी वेंस ने अपने व्यक्तिगत जीवन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उनके ससुर और उनका परिवार इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि प्रवासियों ने कैसे अमेरिका के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

“मैंने भारत से आए प्रवासियों की बेटी (उषा वेंस) से शादी की है। मैं अपने ससुराल वालों से बहुत प्यार करता हूँ। वे बेहतरीन लोग हैं जिन्होंने इस देश को समृद्ध किया है।”

ससुर का उदाहरण और ‘अमेरिका फर्स्ट’ की सोच

वेंस ने नागरिकता के साथ जुड़ी जिम्मेदारियों पर जोर देते हुए अपने ससुर का एक प्रेरक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उनके ससुर भारत से आए, यहाँ शिक्षा ली और एक गौरवान्वित अमेरिकी नागरिक बने।

  • देश सर्वोपरि: वेंस के अनुसार, उनके ससुर ने पिछले कई दशकों में एक बार भी उनसे यह नहीं कहा कि “तुम्हें यह काम इसलिए करना चाहिए क्योंकि यह भारत के हित में है।”

  • अमेरिकी हित: वेंस ने कहा कि जब कोई व्यक्ति अमेरिकी नागरिक बनता है, चाहे वह पहली पीढ़ी हो या नौवीं, उसकी पहली प्राथमिकता केवल अमेरिका का हित होना चाहिए। जब प्रवासी यह दृष्टिकोण अपनाते हैं, तो स्थानीय अमेरिकियों के मन में उनके प्रति सम्मान और स्वागत का भाव और बढ़ जाता है।

H-1B वीजा और ‘धोखाधड़ी’ पर कड़ा रुख

जहाँ एक तरफ वेंस ने प्रवासियों के योगदान को सराहा, वहीं उन्होंने वर्तमान आव्रजन प्रणाली (Immigration System) की खामियों को भी उजागर किया।

  • सिस्टम में गड़बड़ी: वेंस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि H-1B वीजा प्रणाली में काफी ‘धोखाधड़ी’ हो रही है। उन्होंने माना कि कई लोग इस कार्यक्रम का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिसे रोकना आवश्यक है।

  • ग्रीन कार्ड बैकलॉग: उन्होंने देश-आधारित कोटे के कारण होने वाले लंबे इंतजार को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया कि ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकता ‘अवैध आव्रजन’ को रोकना और सिस्टम को दुरुस्त करना है।

ट्रंप प्रशासन की सख्त नीतियां

वेंस के ये बयान डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के उस सख्त रुख की पुष्टि करते हैं, जिसके तहत जनवरी 2026 में ICE की हिरासत में प्रवासियों की संख्या 70,000 के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि वे केवल उन्हीं प्रवासियों का स्वागत करना चाहते हैं जो कानूनी रूप से आते हैं और अमेरिका के हितों को अपनी पुरानी जड़ों से ऊपर रखते हैं।

जेडी वेंस का यह संबोधन दर्शाता है कि वे भारतीय प्रवासियों को अमेरिकी समाज का एक अभिन्न हिस्सा मानते हैं, बशर्ते वे ‘अमेरिका फर्स्ट’ की विचारधारा के साथ तालमेल बिठाकर चलें।

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