होर्मुज में बढ़ा तनाव: अमेरिकी ‘चक्रव्यूह’ में फंसा चीनी जहाज, ब्लॉक पार करने के बाद वापस लौटने पर मजबूर

दुबई/वॉशिंगटन: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में अमेरिका और चीन के बीच ठन गई है। अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों पर लगाई गई कड़ी नौसैनिक नाकेबंदी को चुनौती देने की चीन की कोशिश नाकाम होती दिख रही है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी कंपनी का जो जहाज ‘रिच स्टैरी’ (Rich Starry) मंगलवार को अमेरिकी ब्लॉक को चकमा देकर खाड़ी से बाहर निकला था, उसे बुधवार को वापस होर्मुज की ओर लौटना पड़ा है।

क्यों वापस लौटा ‘रिच स्टैरी’?

रॉयटर्स की रिपोर्ट और शिपिंग डेटा के अनुसार, शंघाई शुआनरुन शिपिंग कंपनी का यह जहाज लगभग ढाई लाख बैरल मेथेनॉल लेकर जा रहा था।

  • अमेरिकी दबाव: यह जहाज पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में है। खाड़ी पार करने के बावजूद अमेरिकी नौसेना की सख्त घेराबंदी और अन्य टैंकरों को रोके जाने के बाद इसे यू-टर्न लेना पड़ा।

  • सफल नाकेबंदी: यूएस सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि नाकेबंदी के पहले 24 घंटों में उन्होंने ईरान से जुड़े सभी समुद्री यातायात को सफलतापूर्वक रोक दिया है। चाबहार के पास दो तेल टैंकरों को रोकने की भी खबर है।

चीन की चेतावनी और ऊर्जा संकट

चीनी रक्षा मंत्री डोंग जुन ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चीन ईरान के साथ अपने व्यापारिक और ऊर्जा समझौतों से पीछे नहीं हटेगा। चीन वर्तमान में ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार है, और अमेरिकी नाकेबंदी उसकी ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह उसके जहाजों के आवागमन में दखल न दे।

ट्रंप का दावा: “ईरान के साथ युद्ध समाप्ति के करीब”

इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा:

“ईरान के साथ संघर्ष अब लगभग खत्म हो चुका है। अगर मैं यह सख्त रुख नहीं अपनाता, तो ईरान के पास परमाणु हथियार होते। मेरी रणनीति ने उन्हें इतना कमजोर कर दिया है कि अगर हम अभी पीछे हटें, तो उन्हें दोबारा खड़े होने में 20 साल लगेंगे।”

पाकिस्तान में फिर सजेगी ‘शांति वार्ता’ की मेज?

विफल रही पिछली बातचीत के बाद अब दूसरे दौर की वार्ता की उम्मीद जगी है।

  • मुनीर की तारीफ: ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के प्रयासों की सराहना करते हुए संकेत दिया कि अगले दो दिनों में इस्लामाबाद में फिर से वार्ता हो सकती है।

  • निर्णायक मोड़: ट्रंप ने कहा कि अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं और कुछ भी बड़ा बदलाव हो सकता है।

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