Prakash Raj Controversy: बहुभाषी अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर अपने बेबाक और विवादित बोल के कारण कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रामायण का अपना ‘वर्जन’ सुनाया, जिसे लेकर हिंदू संगठनों और आम लोगों में भारी आक्रोश है। प्रकाश राज पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया गया है। उनके इस बयान को उत्तर और दक्षिण भारत के बीच दरार पैदा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
राम, लक्ष्मण और शूर्पणखा की कहानी में ‘GST’ का तड़का
प्रकाश राज ने मंच से एक कहानी सुनाई जिसमें उन्होंने भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता को दक्षिण की ओर आते हुए दिखाया। उन्होंने अपने वर्जन में कहा कि राम-लक्ष्मण ने किसी के खेत से फल खाए, जिसे लेकर शूर्पणखा और रावण से उनकी मुलाकात हुई। विवाद तब बढ़ा जब प्रकाश राज ने इस पौराणिक प्रसंग में ‘जीएसटी’ (GST) और ‘डॉलर’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शूर्पणखा ने फलों के बदले 2000 डॉलर मांगे और रावण ने उन्हें डिस्काउंट देने की बात कही। अभिनेता ने इस दौरान भगवान राम द्वारा लक्ष्मण को ‘लकी’ कहने का भी मजाक बनाया।
‘हिंदी न थोपें और बीफ फेस्टिवल’: उत्तर भारत पर साधा निशाना
अपनी कहानी के जरिए प्रकाश राज ने सीधे तौर पर नॉर्थ-साउथ डिबेट को हवा दी। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “उत्तर भारत से दक्षिण आने वाले लोग हम पर जबरदस्ती हिंदी न थोपें। किसी बैंक का मैनेजर बनकर हमें यह न सिखाएं कि क्या खाना है और क्या नहीं। हम बीफ फेस्टिवल भी करेंगे।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर ‘बॉयकॉट प्रकाश राज’ ट्रेंड करने लगा है। लोगों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसएस राजामौली की फिल्म ‘वाराणसी’ से हटाने की मांग
प्रकाश राज के इस रुख से फिल्म इंडस्ट्री में भी हलचल तेज हो गई है। भड़के हुए फैंस ने अब दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली से मांग की है कि प्रकाश राज को उनकी आने वाली मेगा-बजट फिल्म ‘वाराणसी’ से बाहर किया जाए। बता दें कि इस फिल्म में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे बड़े सितारे नजर आने वाले हैं। आलोचकों का मानना है कि प्रकाश राज जानबूझकर अपनी संस्कृति का सम्मान करने के बहाने दूसरों की आस्था का अनादर कर रहे हैं।
नास्तिक छवि और मां का निधन
प्रकाश राज हमेशा से खुद को नास्तिक बताते रहे हैं। मार्च 2026 में उनकी माता स्वर्णलता राज के निधन के समय भी उनकी तस्वीरें वायरल हुई थीं, जहां वह बिना किसी धार्मिक अनुष्ठान के अपनी मां के ताबूत के पास बैठे नजर आए थे। जहां एक वर्ग उनके इस रुख को उनकी निजी पसंद मानता है, वहीं रामायण पर उनकी हालिया टिप्पणी ने उन्हें चौतरफा विवादों में खड़ा कर दिया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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