शनि जयंती 2026: मेष और मीन सहित इन 5 राशियों पर मंडरा रहे संकट के बादल, शनि की ‘टेढ़ी नजर’ से बचने के लिए तुरंत करें ये उपाय

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। न्याय के देवता और कर्मफल दाता शनि देव की आराधना का महापर्व ‘शनि जयंती’ इस साल 2026 में बेहद खास और ज्योतिषीय दृष्टि से संवेदनशील रहने वाला है। वर्तमान में शनि देव मीन राशि में विराजमान हैं, जिसके कारण कई राशियों के जीवन में उथल-पुथल मची हुई है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शनि की यह स्थिति 2027 तक बनी रहेगी, जो कुछ विशेष राशियों के लिए अग्निपरीक्षा के समान है। आइए जानते हैं कि शनि जयंती पर किन राशियों को सावधान रहने की जरूरत है और वे कौन से सरल उपाय हैं जो आपको शनि के प्रकोप से बचा सकते हैं।

इन 5 राशियों पर शनि का साया: साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रकोप

वर्तमान ग्रह दशा के अनुसार, कुंभ, मीन और मेष राशि के जातक इस समय शनि की साढ़ेसाती के विभिन्न चरणों से गुजर रहे हैं। वहीं, सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव चल रहा है। शनि देव को अनुशासन और धैर्य का कारक माना जाता है, इसलिए इन पांच राशियों के जातकों को अगले एक साल तक किसी भी बड़े निवेश या गलत संगत से बचने की सख्त हिदायत दी जाती है।

सिंह और धनु राशि: ढैय्या के कारण बढ़ सकती है मानसिक और पारिवारिक कलह

सिंह राशि के जातकों को इस दौरान कार्यस्थल पर गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। ऑफिस में आपकी छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है।

  • अचूक उपाय: शनिवार को पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें और काले तिल का दान करें।

वहीं, धनु राशि वालों के लिए ढैय्या पारिवारिक मोर्चे पर तनाव ला सकती है। अनावश्यक खर्चों के कारण बजट बिगड़ सकता है। माता-पिता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

  • अचूक उपाय: भगवान शिव की उपासना करें और असहाय लोगों की सेवा करें।

कुंभ और मीन राशि: साढ़ेसाती का प्रभाव बिगाड़ सकता है बजट

कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण है, जो जाते-जाते भारी खर्च और रिश्तों में कड़वाहट दे सकता है। आर्थिक फैसलों में जल्दबाजी न करें।

  • अचूक उपाय: शनिवार की शाम शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा (मध्य) चरण चल रहा है, जिसे सबसे कठिन माना जाता है। आपको अपनी मेहनत का फल देरी से मिलेगा, जिससे मानसिक चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।

  • अचूक उपाय: शनिवार को ‘छाया दान’ करें (एक पात्र में तेल भरकर अपना चेहरा देखें और उसे दान कर दें) और काले कुत्ते को रोटी खिलाएं।

मेष राशि: साढ़ेसाती का प्रथम चरण और बढ़ता कार्यभार

मेष राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो चुका है। यह समय आपके धैर्य की परीक्षा लेगा। काम का दबाव बढ़ेगा और आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है। शत्रु पक्ष सक्रिय रह सकता है, इसलिए सतर्क रहें।

  • अचूक उपाय: मंगलवार और शनिवार को बजरंग बाण का पाठ करें। जरूरतमंदों को काले कंबल या जूते का दान करना शुभ रहेगा।

शनि देव को प्रसन्न करने के सामान्य नियम

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि केवल उन्हीं को दंड देते हैं जिनके कर्म खराब होते हैं। इस दौरान सात्विक भोजन करें, नशा न करें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों (कामगारों) का अपमान न करें। अनुशासन ही शनि के कुप्रभाव को कम करने की सबसे बड़ी चाबी है।

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