आज शनि जयंती की शाम को चुपचाप कर लें ये 13 उपाय, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का गुस्सा हो जाएगा शांत!

हिंदू धर्म में कर्मफलदाता और न्याय के देवता शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनि जयंती का दिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और शक्तिशाली माना जाता है। आज साल 2026 की शनि जयंती के साथ-साथ अमावस्या तिथि का एक बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग बना हुआ है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में इस समय शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या किसी भी प्रकार का शनि दोष चल रहा है, उनके लिए आज का दिन एक वरदान की तरह है। आज शाम के समय श्रद्धापूर्वक किए गए कुछ छोटे और अचूक उपाय आपके जीवन के बड़े से बड़े संकट को हमेशा के लिए टाल सकते हैं और आपकी बंद किस्मत के दरवाजे खोल सकते हैं।

पीपल के पेड़ के पास जलाएं यह खास दीपक, टल जाएंगे सारे संकट

शनि देव को पीपल का वृक्ष अत्यंत प्रिय है और माना जाता है कि इसमें सभी देवी-देवताओं का वास होता है। आज शाम के समय अपने घर के पास किसी पीपल के पेड़ के नीचे जाकर सरसों के तेल का एक चौमुखी दीपक जरूर जलाएं। याद रखें कि इस दीपक में 1 या 2 काले तिल के दाने जरूर डाल दें। दीपक प्रज्वलित करने के बाद पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा करें और मन ही मन ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करते रहें। ऐसा करने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आ रही रुकावटें दूर होती हैं।

कष्टों से मुक्ति के लिए आज जरूर करें ‘छाया दान’ और तेल का अभिषेक

आज के दिन किसी भी नजदीकी शनि मंदिर में जाकर शनि देव की शिला या मूर्ति पर सरसों का तेल अर्पित करना बेहद शुभ फलदायी माना गया है। तेल चढ़ाने से पहले एक विशेष क्रिया जरूर करें जिसे ‘छाया दान’ कहा जाता है। इसके लिए एक कटोरी में सरसों का तेल लें, उसमें अपनी परछाई (चेहरा) ध्यान से देखें और फिर उस तेल को शनि देव की मूर्ति पर चढ़ा दें या मंदिर में किसी जरूरतमंद को दान कर दें। यह उपाय आपके शरीर के सभी रोगों और कष्टों को सोख लेता है।

बजरंगबली की शरण में जाने से शांत होगा शनि का हर नकारात्मक प्रभाव

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जो भक्त हनुमान जी की नियमित पूजा करते हैं, शनि देव उन्हें कभी भी प्रताड़ित नहीं करते हैं। आज शनि जयंती की शाम को हनुमान मंदिर जाएं और बजरंगबली को बूंदी का भोग लगाएं। इसके बाद वहीं बैठकर शांत मन से हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। इस उपाय को करने से शनि की महादशा का हर नकारात्मक और अशुभ प्रभाव तुरंत शांत होने लगता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

इन महामंत्रों का जाप और दान बदल देगा आपकी सोई हुई किस्मत

यदि आप लंबे समय से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं या आपके बनते हुए काम ऐन वक्त पर बिगड़ जाते हैं, तो आज की शाम रुद्राक्ष की माला से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इसके साथ ही शनि के बीज मंत्र ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः’ का कम से कम 108 बार जाप करें। चूंकि शनि देव न्याय के देवता हैं और समाज के गरीब व मेहनतकश लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए आज किसी असहाय, सफाई कर्मचारी या गरीब व्यक्ति को काले कपड़े, जूते-चप्पल, छाता या उड़द की दाल की खिचड़ी का दान करें। किसी भूखे को भोजन कराने से शनि देव सबसे जल्दी प्रसन्न होते हैं।

बेजुबान पशु-पक्षियों की सेवा से दूर होंगे कुंडली के सारे ग्रह दोष

आज की शाम बेजुबान जानवरों और पक्षियों की सेवा करने से भी शनि देव की असीम कृपा मिलती है। अपने घर की छत पर पक्षियों के लिए अनाज और पानी का इंतजाम करें। आज के दिन किसी काले कुत्ते को सरसों का तेल लगी हुई ताजी रोटी जरूर खिलाएं। इसके अलावा, किसी पुराने पेड़ की जड़ के पास जाकर चींटियों के लिए पिसा हुआ सूखा आटा और शक्कर (बूरा) डालें। यह छोटे-छोटे कर्म आपके संचित पापों का नाश करते हैं।

सावधान! आज भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना भुगतना पड़ेगा भारी नुकसान

शनि जयंती के दिन जितनी सावधानी पूजा में रखनी चाहिए, उतनी ही सावधानी कुछ कामों को न करने में भी बरतनी चाहिए। आज जब भी आप शनि मंदिर जाएं, तो पूजा करते समय कभी भी शनि देव की आंखों में सीधे न देखें। हमेशा अपनी नजरें झुकाकर उनके चरणों की तरफ देखते हुए ही प्रार्थना करें। इसके अलावा, आज के दिन बाजार से भूलकर भी लोहा, सरसों का तेल, नमक, काले तिल या चमड़े का सामान खरीदकर घर न लाएं। इन चीजों का दान करना तो सर्वश्रेष्ठ है, लेकिन इन्हें आज खरीदना बेहद अशुभ माना जाता है। सबसे जरूरी बात, आज किसी भी गरीब, बुजुर्ग, मजदूर या बेजुबान जानवर का अपमान न करें और न ही उन्हें सताएं।

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