
बीजिंग/नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद चीन ने कूटनीतिक मोर्चे पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। बीजिंग ने खाड़ी देशों से अपील की है कि वे ‘बाहरी ताकतों’ के हस्तक्षेप के खिलाफ एकजुट हों और अपनी संप्रभुता की रक्षा खुद करें। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ओमान, ईरान और फ्रांस के विदेश मंत्रियों से फोन पर लंबी बातचीत कर क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता पर चिंता जताई और अमेरिका व इजरायल के कड़े रुख की आलोचना की।
‘अपना भविष्य अपने हाथों में रखें खाड़ी देश’— वांग यी
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ओमान के विदेश मंत्री के साथ चर्चा के दौरान साफ कहा कि खाड़ी देशों को आपसी एकता मजबूत करनी चाहिए। उन्होंने पड़ोसी देशों के बीच मित्रता और सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र के देशों को अपना भविष्य अपने हाथों में रखना चाहिए, न कि बाहरी शक्तियों के इशारे पर चलना चाहिए। वांग ने स्पष्ट किया कि चीन खाड़ी देशों की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की हिफाजत करने के प्रयासों का पूरी तरह समर्थन करता है।
ईरान और फ्रांस से बातचीत: खामेनेई की हत्या को बताया ‘अस्वीकार्य’
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची से बातचीत में वांग यी ने ईरान के अपने हितों की रक्षा करने के अधिकार का समर्थन किया। उन्होंने विश्वास जताया कि ईरान अपनी सामाजिक स्थिरता बनाए रखने में सक्षम है। वहीं, फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट से बातचीत के दौरान चीन ने और भी कड़े तेवर दिखाए:
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हमलों की निंदा: वांग ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों और खामेनेई की हत्या को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया।
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शांति की अपील: उन्होंने फ्रांस के साथ मिलकर तनाव कम करने और कूटनीतिक वार्ता फिर से शुरू करने का आह्वान किया।
ईरान को मिसाइल देने की खबरों पर चीन की सफाई
हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चीन ने ईरान को बेहद उन्नत CM-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइलें बेचने का सौदा फाइनल कर लिया है। खबरों के मुताबिक, ये मिसाइलें अमेरिकी और इजरायली हमलों से ठीक पहले दी जानी थीं।
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दुष्प्रचार का आरोप: चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘दुष्प्रचार अभियान’ का हिस्सा बताया।
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जिम्मेदार राष्ट्र: माओ निंग ने कहा कि चीन एक जिम्मेदार देश है और हमेशा अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी झूठी रिपोर्टें केवल क्षेत्र में तनाव बढ़ाने के लिए फैलाई जा रही हैं।
चीन की रणनीति: अमेरिका को घेरने की तैयारी?
जानकारों का मानना है कि चीन इस संकट का इस्तेमाल मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में अमेरिका के प्रभाव को कम करने के लिए कर रहा है। खाड़ी देशों को एकजुट होने की सलाह देकर चीन खुद को एक ‘शांतिदूत’ और क्षेत्रीय संप्रभुता के रक्षक के रूप में पेश कर रहा है। खामेनेई की मौत के बाद पैदा हुए शून्य को भरने और मुस्लिम देशों के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की यह चीन की सोची-समझी कूटनीति का हिस्सा है।
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