वरदा चतुर्थी 2026: आज बप्पा को प्रसन्न करने का शुभ संयोग, इन चीजों के दान से मिटेंगे जीवन के सभी कष्ट

वरदा चतुर्थी 2026: आज का दिन भगवान श्री गणेश की आराधना के लिए बेहद विशेष है। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी ‘वरदा चतुर्थी’ के पावन अवसर पर भक्त बप्पा को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से पूजा कर रहे हैं। मान्यता है कि वरद गणेश की कृपा से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है और जीवन में आ रही बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज का दिन सुख-समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त करने का उत्तम समय माना जा रहा है।

वरदा चतुर्थी का शुभ मुहूर्त और तिथि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चतुर्थी तिथि का पूजन हमेशा मध्याह्न काल में करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। पंचांग के अनुसार, आज यानी 20 मई 2026 को सुबह 11:06 बजे तक चतुर्थी तिथि है। ऐसे में आज पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 10:56 बजे से लेकर दोपहर 01:38 बजे तक का है। इस दौरान की गई पूजा से गणेश जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और साधक को सुखद परिणाम प्राप्त होते हैं।

वरदा चतुर्थी पर दान का विशेष महत्व

इस दिन दान-पुण्य करने से कुंडली के दोष शांत होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। वरदा चतुर्थी पर आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार निम्न वस्तुओं का दान कर सकते हैं। जरूरतमंदों को चावल, गेहूं या आटा दान करने से अन्न का भंडार भरा रहता है। गणेश जी को प्रिय तिल और गुड़ का दान करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो जाती हैं। इसके अलावा पीले वस्त्रों का दान सौभाग्य में वृद्धि करता है, तांबे के बर्तनों का दान ग्रहों की पीड़ा को कम करता है और बच्चों में मोदक या बूंदी के लड्डू बांटने से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

पूजा विधि और ध्यान रखने योग्य बातें

वरदा चतुर्थी की पूजा के दौरान भगवान गणेश को लाल सिंदूर का तिलक लगाएं और स्वयं भी धारण करें। बप्पा को 21 दूर्वा की गांठ अर्पित करते समय ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से चंद्र दर्शन से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने से मिथ्या कलंक का भय बना रहता है।

जीवन में सफलता और शांति के लिए अचूक उपाय

यदि आप मानसिक शांति और अपने कार्यों में सिद्धि चाहते हैं, तो आज के दिन ‘गणपति अथर्वशीर्ष’ का पाठ अवश्य करें। इसके साथ ही ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करना आपके जीवन से नकारात्मकता को दूर करेगा। पूजा के अंत में भगवान गणेश को 5 या 11 मोदक का भोग जरूर लगाएं। सच्ची श्रद्धा के साथ किया गया यह छोटा सा प्रयास आपकी सभी मनोकामनाओं को पूरा करने की शक्ति रखता है।

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