लखनऊ में बिजली संकट गहराया: भीषण गर्मी के बीच व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जिलों से बुलाए गए 44 इंजीनियर

भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। जगह-जगह बिजली कटौती और फॉल्ट की शिकायतों से परेशान जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति को संभालने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों से 44 अनुभवी अभियंताओं (इंजीनियरों) को लखनऊ बुलाया है।

अनुभवी इंजीनियरों पर भरोसा

प्रबंध निदेशक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन 44 अभियंताओं को लखनऊ बुलाया गया है, वे सभी पहले भी राजधानी में तैनात रह चुके हैं। निगम प्रबंधन का मानना है कि इन अभियंताओं का पुराना अनुभव लखनऊ के तकनीकी और प्रशासनिक बिजली ढांचे को फिर से पटरी पर लाने में मददगार साबित होगा। इन इंजीनियरों को शहर के प्रमुख जोनों—लखनऊ मध्य, अमौसी, जानकीपुरम और गोमतीनगर में तुरंत कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

कहां-कहां से आए हैं इंजीनियर?

बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली, महाराजगंज, पीलीभीत, सीतापुर, सुल्तानपुर, नानपारा, कैसरगंज और सण्डिला समेत कई अन्य क्षेत्रों से इंजीनियरों को वापस लखनऊ बुलाया गया है। उन्हें उनके वर्तमान तैनाती स्थलों से तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राजधानी की बदहाल व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जा सके।

बड़े पैमाने पर आंतरिक फेरबदल

सिर्फ बाहरी जिलों से ही नहीं, बल्कि लखनऊ के भीतर भी कार्यक्षेत्र में बड़े बदलाव किए गए हैं। मध्यांचल प्रबंधन ने सहायक अभियंता से लेकर अवर अभियंता स्तर तक के 8 अधिकारियों का कार्यक्षेत्र बदल दिया है। इन बदलावों का उद्देश्य अमौसी और गोमतीनगर जैसे संवेदनशील इलाकों में बिजली आपूर्ति में आ रही तकनीकी दिक्कतों को कम करना है।

राजधानी की जनता में आक्रोश

मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री के निवास के बावजूद राजधानी में बिजली संकट की स्थिति ने सरकारी मशीनरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि राजधानी का यह हाल है, तो प्रदेश के सुदूर जिलों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। लोगों का कहना है कि घंटों की कटौती और फॉल्ट से उनकी रातों की नींद और दिन का चैन पूरी तरह उड़ चुका है।

फिलहाल, 44 अनुभवी इंजीनियरों की तैनाती के बाद जनता को उम्मीद है कि भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली की समस्या से कुछ हद तक राहत मिलेगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन इंजीनियरों की वापसी से राजधानी के बिजली तंत्र में कितना सुधार आता है।

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