Dharmendra’s Unbeatable 1987 Record: आज के दौर में जब किसी सुपरस्टार की साल में एक फिल्म ब्लॉकबस्टर हो जाती है, तो उसे ‘बॉक्स ऑफिस का किंग’ घोषित कर दिया जाता है। लेकिन हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा दौर भी था, जब एक ही एक्टर के नाम से पूरी इंडस्ट्री थर-थर कांपती थी। बात साल 1987 की है, जब धर्मेंद्र ने अकेले अपने दम पर पूरे बॉलीवुड को संभाल रखा था। उस साल उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा दबदबा बनाया कि बाकी एक्टर्स ने अपनी फिल्मों की रिलीज डेट आगे बढ़ा दी थी।
1987: बॉक्स ऑफिस का वो ‘खौफनाक’ साल
उस दौर में लोग थिएटर जाने के बजाय वीडियो कैसेट्स (VCR) पर फिल्में देखने के आदी हो रहे थे, जिससे सिनेमाघर खाली पड़े थे और मेकर्स दिवालिया होने की कगार पर थे। तब धर्मेंद्र ने कमान संभाली और एक ही साल में 12 फिल्में रिलीज कीं, जिनमें से 7 फिल्में ब्लॉकबस्टर साबित हुईं। बॉलीवुड के इतिहास में आज तक कोई भी एक्टर एक साल में 7 ब्लॉकबस्टर देने का यह जादुई रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया है।
धर्मेंद्र की वो 7 फिल्में, जिन्होंने मचाया कोहराम
उस समय एक्शन फिल्मों का बोलबाला था और धर्मेंद्र उसके निर्विवाद सुल्तान थे। चाहे मल्टीस्टारर फिल्म हो या छोटा रोल, जनता सिर्फ और सिर्फ ‘ही-मैन’ को देखने आती थी।
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हुकूमत: यह 1987 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर थी। अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने टिकट खिड़की पर ऐसा तांडव मचाया कि बाकी मेकर्स ने अपनी फिल्में रिलीज करने से तौबा कर ली थी।
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आग ही आग: चंकी पांडे की डेब्यू फिल्म होने के बावजूद, पूरे शो में धर्मेंद्र का जलवा कायम रहा।
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लोहा: अपनी देशभक्ति और धाकड़ डायलॉग्स के दम पर यह फिल्म सुपरहिट रही।
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वतन के रखवाले: मल्टीस्टारर होने के बावजूद धर्मेंद्र के नाम पर इसे बंपर ओपनिंग मिली।
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इंसानियत के दुश्मन: थिएटर्स में इस फिल्म ने जबरदस्त कमाई की।
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इंसाफ कौन करेगा: एक्शन-ड्रामा से भरपूर इस फिल्म को दर्शकों ने हाथों-हाथ लिया।
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दादागीरी: सिंगल स्क्रीन्स पर इस फिल्म ने महीनों तक खूब कमाई की।
इसके अलावा, उस साल ‘इंसाफ की पुकार’, ‘जान हथेली पर’, ‘मेरा धरम’, ‘सुपरमैन’ और ‘मर्द की जुबान’ जैसी फिल्में भी रिलीज हुईं, जो औसत रहीं लेकिन इन 7 बड़ी ब्लॉकबस्टर्स के सामने उनका नाम दब गया।
क्यों आज के सुपरस्टार्स के लिए यह रिकॉर्ड तोड़ना नामुमकिन है?
आज के सुपरस्टार्स अपनी ब्रांड वैल्यू बचाने के लिए साल में एक या दो फिल्में ही साइन करते हैं। उस दौर में धर्मेंद्र का सिर्फ नाम और पोस्टर ही फिल्म को महीनों तक हाउसफुल रखने के लिए काफी था। वे सोशल मीडिया और रिव्यू के मोहताज नहीं थे, बल्कि ‘धर्मेंद्र’ का नाम ही फिल्म के सुपरहिट होने की गारंटी हुआ करता था।
एक युग का अंत
बता दें कि महान अभिनेता धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में मुंबई स्थित उनके आवास पर उनका निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार विले पार्ले के पवन हंस श्मशान घाट पर किया गया। 1 जनवरी 2026 को उनकी अंतिम फिल्म ‘इक्कीस’ रिलीज हुई थी, जो उनके शानदार करियर का एक भावुक समापन बनी।
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