Male Breast Cancer Awareness: ब्रेस्ट कैंसर का नाम सुनते ही अक्सर सिर्फ महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं सामने आती हैं। लेकिन यह एक कड़वा सच है कि पुरुष भी ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो सकते हैं। हाल के वर्षों में पुरुषों में इसके मामले सामने आए हैं, लेकिन जागरूकता की कमी और लक्षणों को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति के कारण यह बीमारी खतरनाक मोड़ ले लेती है। सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर शशांक निगम के अनुसार, पुरुष अक्सर शुरुआती संकेतों को मामूली समझकर अनदेखा कर देते हैं, जो भविष्य में गंभीर परिणाम दे सकता है।
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के 6 प्रमुख लक्षण
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण काफी हद तक महिलाओं के समान होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना घातक हो सकता है:
-
गांठ महसूस होना: सीने या निप्पल के आसपास सख्त गांठ का होना।
-
सूजन या उभार: ब्रेस्ट के किसी हिस्से में असामान्य सूजन या मोटापन दिखना।
-
लगातार दर्द या जलन: छाती में किसी खास हिस्से पर लगातार दर्द या जलन का बने रहना।
-
अंडरआर्म में बदलाव: बगल (Underarm) के नीचे गांठ या सूजन महसूस होना।
-
निप्पल में परिवर्तन: निप्पल का अंदर की ओर मुड़ जाना या उससे असामान्य डिस्चार्ज होना।
-
त्वचा में बदलाव: ब्रेस्ट की त्वचा पर लाली आना, झुर्रियां पड़ना या त्वचा में गड्ढे (Dimpling) दिखाई देना।
मेल ब्रेस्ट कैंसर और गायनेकोमेस्टिया (Gynecomastia) में अंतर
अक्सर पुरुष स्तन के आकार में वृद्धि को कैंसर समझकर डर जाते हैं, जबकि यह ‘मेल बूब्स’ यानी गायनेकोमेस्टिया भी हो सकता है।
-
गायनेकोमेस्टिया: यह आमतौर पर दोनों तरफ होता है, छूने में मुलायम या रबर जैसा महसूस होता है और यह मोटापा, हार्मोनल बदलाव या दवाओं का असर हो सकता है।
-
ब्रेस्ट कैंसर: इसमें आमतौर पर एक तरफ ही गांठ बनती है, जो छूने में बहुत सख्त होती है और इसमें अक्सर दर्द नहीं होता। समय के साथ यह गांठ बढ़ती जाती है।
पुरुषों में कैंसर का खतरा क्यों बढ़ता है?
डॉ. निगम के अनुसार, शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का असंतुलन इसके मुख्य कारणों में से एक है। इसके अलावा अन्य जोखिम कारक इस प्रकार हैं:
-
आनुवंशिकता: परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास होना।
-
जेनेटिक म्यूटेशन: BRCA2 जीन में बदलाव।
-
जीवनशैली: मोटापा, अधिक शराब का सेवन, धूम्रपान और शारीरिक सक्रियता की कमी।
-
अन्य कारण: लिवर की गंभीर बीमारियां, छाती पर पहले हुई रेडिएशन थेरेपी या अंडकोष (Testis) से जुड़ी सर्जरी/बीमारियां।
कैसे करें बचाव और क्या है इलाज?
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज बीमारी की स्टेज और प्रकार के आधार पर सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन और हार्मोन थेरेपी के जरिए किया जाता है। इससे बचने के लिए अपनी जीवनशैली में ये बदलाव लाएं:
-
नियमित व्यायाम: रोजाना एक्सरसाइज से वजन संतुलित रखें।
-
खान-पान: डाइट में हरी सब्जियां, फल, फाइबर और प्रोटीन को प्राथमिकता दें।
-
सतर्कता: किसी भी हार्मोनल दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।
-
जांच: छाती में किसी भी प्रकार की गांठ या सूजन महसूस होने पर बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श लें।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया