अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम (Ceasefire) के बावजूद मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में युद्ध के बादल एक बार फिर गहरे हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 10 जून 2026 को ईरान को अब तक की सबसे बड़ी और सीधी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। ट्रंप ने दोटूक शब्दों में कहा है कि यदि ईरान ने तुरंत शांति समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो अमेरिका आज ही उस पर अब तक का सबसे जोरदार और भीषण हमला करने जा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, बीते 7 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के बीच युद्धविराम की घोषणा हुई थी। इसके बाद से कई हफ्तों तक ट्रंप एक संभावित शांति समझौते को लेकर लगातार सकारात्मक रुख दिखा रहे थे, लेकिन उनके इस ताजा बयान ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है और इसे अमेरिकी नीति में एक बहुत बड़ा और आक्रामक बदलाव माना जा रहा है।
‘पश्चिम एशिया का गुंडा अब खत्म हो चुका है’— ट्रुथ सोशल पर फूटा गुस्सा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर एक बेहद कड़ा पोस्ट साझा करते हुए ईरान को बातचीत में देरी करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
डोनाल्ड ट्रंप का आधिकारिक पोस्ट: “ईरान सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करता है, काम कुछ नहीं करता। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) का गुंडा अब पूरी तरह खत्म हो चुका है! उन्होंने एक ऐसे शांति समझौते पर बातचीत करने में बहुत लंबा समय गंवा दिया जो खुद उनके भविष्य के लिए बहुत बेहतरीन साबित हो सकता था। अब बातचीत का समय निकल चुका है और ईरान को इस देरी की भारी कीमत चुकानी होगी!”
हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह साफ नहीं किया कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ किस तरह के घातक कदम उठाने जा रही है या उनके निशाने पर कौन से ठिकाने हैं।
क्यों भड़के ट्रंप? जानिए अपाचे हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की इनसाइड स्टोरी
ट्रंप का यह गुस्सा अचानक नहीं फूटा है। दरअसल, यह बयान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास अमेरिकी सेना के एक अत्याधुनिक AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर (Apache Helicopter) को मार गिराए जाने की घटना के बाद आया है।
बुधवार को फॉक्स न्यूज (Fox News) से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सैन्य घटना की हैरान कर देने वाली आंतरिक जानकारी (New Details) साझा की:
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ईरानी ड्रोन का आत्मघाती हमला: ट्रंप ने बताया कि एक ईरानी ड्रोन ने उनके अपाचे हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया था। वह ड्रोन हमले के वक्त पहले से ही आग की लपटों में घिरा हुआ था और उड़ते हुए सीधे अपाचे के दोनों पायलटों के केबिन के बीच में आकर फंस गया था।
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चमत्कारी ढंग से बची पायलटों की जान: राहत की बात यह रही कि वह ड्रोन हेलीकॉप्टर के भीतर फंसने के बावजूद तुरंत फटा नहीं। इसी तकनीकी खराबी और सूझबूझ के चलते अमेरिकी पायलट क्षतिग्रस्त हेलीकॉप्टर को सुरक्षित जमीन पर उतारने और वहां से जिंदा सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे।
‘समझौता बहुत करीब था, लेकिन ईरान ने मौका गंवा दिया’
इस गंभीर घटना से नाराज अमेरिका ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज में ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर नए और ताबड़तोड़ हवाई हमले (Air Strikes) शुरू कर दिए हैं।
फॉक्स न्यूज पर बात करते हुए ट्रंप ने साफ संकेत दिए कि अमेरिका आगे भी अपनी सैन्य कार्रवाई को और आक्रामक तरीके से जारी रख सकता है। ट्रंप ने कहा, “ईरान के पास समय रहते शांति समझौते पर दस्तखत करने और खुद को तबाही से बचाने का एक आखिरी मौका था, जिसे उसने गंवा दिया।”
यू-टर्न जैसी स्थिति: ट्रंप की यह नई सैन्य टिप्पणी राजनयिक वार्ताओं पर उनके ही पुराने बयानों के बिल्कुल विपरीत है। अभी बीते सोमवार को ही उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बेहद सकारात्मक अंदाज में कहा था कि दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम दौर में है और अगले दो या तीन दिनों के भीतर एक ऐतिहासिक समझौता हो सकता है। लेकिन अपाचे हेलीकॉप्टर पर हुए इस नए हमले ने शांति की उम्मीदों को तोड़कर दोनों देशों को एक बार फिर भीषण युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
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