प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कर्मचारी हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकारी सेवा के दौरान एक कर्मचारी की लापरवाही या गलती के कारण दूसरे कर्मचारी की मृत्यु होती है, तो इसके लिए राज्य सरकार (State Government) को ही उत्तरदायी माना जाएगा। जस्टिस की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि सरकार अपने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है और वह ‘सह-कर्मचारी की गलती’ का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती।
क्या था पूरा मामला? सालों की कानूनी लड़ाई का अंत
यह मामला एक मृतक कर्मचारी के परिवार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। पीड़ित परिवार का आरोप था कि ड्यूटी के दौरान एक अन्य सह-कर्मचारी की घोर लापरवाही के कारण दुर्घटना हुई, जिसमें उनके घर के कमाऊ सदस्य की जान चली गई। विभाग ने यह तर्क देते हुए मुआवजे या राहत देने में आनाकानी की थी कि इसमें सरकार की कोई सीधी भूमिका नहीं थी और यह दो व्यक्तियों के बीच की मानवीय चूक का मामला था। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया।
‘प्रिंसिपल एंप्लॉयर’ होने के नाते सरकार की जवाबदेही तय
अदालत ने अपने फैसले में ‘विकैरियस लायबिलिटी’ (प्रतिनिधिक दायित्व) के सिद्धांत को दोहराते हुए कहा कि चूंकि दोनों व्यक्ति सरकारी सेवा में थे और घटना ऑन-ड्यूटी हुई, इसलिए सरकार ‘प्रिंसिपल एंप्लॉयर’ है। कोर्ट ने कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराना और यह सुनिश्चित करना कि कोई भी कर्मचारी दूसरे के लिए खतरा न बने, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। हाईकोर्ट ने संबंधित विभाग को आदेश दिया है कि वह मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा और नियमानुसार अन्य लाभ तत्काल प्रदान करे।
कर्मचारियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा यह फैसला
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों पर पड़ेगा। अक्सर देखा जाता है कि कार्यस्थल पर दुर्घटना होने पर विभाग जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने की कोशिश करते हैं। अब इस आदेश के बाद, लापरवाह कर्मचारियों पर नकेल कसेगी और पीड़ितों को न्याय मिलने की राह आसान होगी। कोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) के तहत सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया