अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा हमला: राम मंदिर चढ़ावे और संविधान पर साधा निशाना, सपा का नया डिजिटल ऐप लॉन्च

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने जन्मदिन के मौके पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ बेहद कड़ा और कूटनीतिक मोर्चा खोल दिया है। लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा प्रमुख ने श्रीराम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित प्रकरण और संविधान की सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। इसके साथ ही, पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को डिजिटल रूप से मजबूत करने के लिए उन्होंने ‘समाजवादी पार्टी’ नाम से एक आधिकारिक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया।

‘भाजपा ने श्रीराम और संविधान दोनों से दगा किया’ – अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने देश के दो सबसे बड़े कड़े प्रतीकों का जिक्र करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “देश में मर्यादा और ईमानदारी का एक नाम भगवान श्रीराम का है और दूसरा नाम बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान है। भाजपा ने इन दोनों के साथ ही दगा करने का काम किया है।”

  • रामधन चोरी का आरोप: सपा प्रमुख ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि इसके तार कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से जुड़े हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस मामले में भले ही दूध का दूध और पानी का पानी न हो, लेकिन मंदिर में चढ़ाया गया सोने का सोना और चांदी की चांदी वापस आ जानी चाहिए।

  • संविधान बदलने की साजिश: उन्होंने कहा कि देश की जनता ने लोकसभा चुनाव में भाजपा को कड़ा सबक सिखाते हुए संविधान बदलने से रोक दिया था। लेकिन अब भाजपा कूटनीतिक तौर पर दूसरे दलों के सांसदों को खरीदकर (Horse Trading) संविधान बदलने की साजिश रच रही है।

केदारेश्वर मंदिर के बाद करेंगे राम मंदिर के दर्शन

चढ़ावा प्रकरण से जुड़े कड़े इनपुट के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें प्रभु श्रीराम ने ही सही रास्ता दिखाया है। अगर उनका यह आरोप गलत होता तो भाजपा उनके खिलाफ भारी दुष्प्रचार शुरू कर देती। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पुरानी बात को दोहराते हुए कहा कि वे केदारेश्वर मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद ही अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दर्शन करने जाएंगे।

उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 को लेकर कड़े तेवर

अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल के चुनावों का उदाहरण देते हुए एक बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश का वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव बंगाल की तर्ज पर (प्रशासनिक कड़ाई के साथ) कराया गया, तो उसके बाद देश में चुनाव ही नहीं होंगे। वहीं, राज्य में समय से पहले चुनाव होने की अटकलों पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार के पास वर्तमान में किसानों के लिए डीएपी और यूरिया तक उपलब्ध नहीं है। सरकार केवल यह सर्वे करा रही है कि वह कितनी सीटें जीत सकती है, इसी वजह से जल्द चुनाव की बातें फैलाई जा रही हैं।

राजभर और सीएम योगी पर किया तीखा पलटवार

  • ओमप्रकाश राजभर पर निशाना: सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर द्वारा जन्मदिन पर दी गई नसीहत के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने राजभर की ‘बारगेनिंग पावर’ को पूरी तरह जीरो (शून्य) कर दिया है और उन्हें केवल 30 सीटों का गिफ्ट थमाया जा रहा है। भाजपा अच्छे से जानती है कि किससे, कब और क्या बयान दिलवाना है।

  • सीएम योगी को जवाब: उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘दोपहर 12 बजे सोकर उठने वाले’ पुराने बयान पर भी कड़ा कूटनीतिक पलटवार किया।

डिजिटल ऐप से चलेगा ‘PDA प्रहरी’ सदस्यता अभियान

पार्टी को तकनीकी रूप से अपग्रेड करने के लिए अखिलेश यादव ने ‘समाजवादी पार्टी’ डिजिटल ऐप को लॉन्च किया।

  • डिजिटल सदस्यता: इस ऐप के जरिए सपा के ‘PDA प्रहरी’ देश और प्रदेश भर में व्यापक सदस्यता अभियान चलाएंगे।

  • सदस्यता शुल्क: ऐप के माध्यम से जुड़ने के लिए डिजिटल सदस्यता शुल्क 20 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके जरिए पार्टी पारदर्शी तरीके से लोगों से ऑनलाइन चंदा भी एकत्र करेगी।

  • पहली डिजिटल सदस्यता: अखिलेश यादव ने इस ऐप के जरिए पहली सदस्यता लखनऊ की अंजलि को दिलाई। अंजलि वही लड़की है जिसने पिछले दिनों सपा प्रमुख को प्रसाद खिलाया था, जिसके बाद कथित तौर पर उसके पिता को सुपरवाइजर के पद से हटाकर सफाईकर्मी बना दिया गया था। अखिलेश ने भरोसा दिलाया कि सूबे में सपा की सरकार बनने पर इस परिवार को पूरा सम्मान दिया जाएगा।

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