ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध: ट्रंप के सलाहकार ने बताया युद्ध को ‘शानदार निवेश’, बयान सुन सन्न रह गया चीन

वाशिंगटन/बीजिंग: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका से आए एक बयान ने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक करीबी सलाहकार ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को एक ‘बेहतरीन निवेश’ (Good Investment) करार दिया है। इस बयान के बाद न केवल युद्ध की नैतिकता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि चीन ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।


‘इन्वेस्टमेंट’ वाले बयान से मचा बवाल

ट्रंप प्रशासन के भीतर से आए इस तर्क ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चौंका दिया है। सलाहकार का कहना है कि ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों को नष्ट करने के लिए अभी किया गया ‘खर्च’ भविष्य में होने वाले बड़े युद्ध और विनाश की तुलना में एक ‘किफायती और सही निवेश’ है।

  • तर्क: प्रशासन का मानना है कि ईरान के ‘बुरे प्रभाव’ को खत्म करने से मध्य पूर्व में दशकों की स्थिरता आएगी, जिससे वैश्विक व्यापार और अमेरिकी हितों को दीर्घकालिक लाभ होगा।

  • विपक्ष की राय: अमेरिका के भीतर ही इस बयान की आलोचना हो रही है। आलोचकों का कहना है कि मानव जीवन और वैश्विक अर्थव्यवस्था की तबाही को ‘निवेश’ कहना असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है।

चीन की कड़ी प्रतिक्रिया: ‘जंगल राज’ की ओर लौट रही दुनिया

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इस बयान और अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई पर तीखा प्रहार किया है। बीजिंग में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा:

  1. जंगल राज की चेतावनी: “दुनिया को ‘जंगल राज’ (Law of the Jungle) की ओर नहीं लौटना चाहिए। युद्ध कभी भी निवेश नहीं हो सकता, यह केवल विनाश लाता है।”

  2. Ceasefire की मांग: चीन ने तुरंत युद्धविराम (Ceasefire) की मांग करते हुए कहा कि अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति का दुरुपयोग कर अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रख रहा है।

  3. आर्थिक चिंता: चीन को डर है कि इस युद्ध से ऊर्जा की कीमतें और अधिक बढ़ेंगी, जिससे उसकी अपनी अर्थव्यवस्था और वैश्विक सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ेगा।

ट्रंप का रुख: ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ तक जारी रहेगा हमला

एक तरफ जहां सलाहकार इसे निवेश बता रहे हैं, वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना रुख और कड़ा कर लिया है। उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि जब तक ईरान ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ (Unconditional Surrender) नहीं करता, तब तक हमले जारी रहेंगे।

  • ऑपरेशन एपिक फ्यूरी: अमेरिका और इजरायल का संयुक्त सैन्य अभियान ‘एपिक फ्यूरी’ अब अपने दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है।

  • तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई का खतरा बढ़ गया है।

ब्रिटेन से तल्खी: “अब तुम्हारी जरूरत नहीं”

इस बीच ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर भी निशाना साधा है। ब्रिटेन द्वारा युद्ध में देरी से समर्थन देने पर ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा, “ठीक है, अब हमें आपके एयरक्राफ्ट करियर की जरूरत नहीं है, लेकिन हम इसे याद रखेंगे।” यह बयान दिखाता है कि ट्रंप अपने उन सहयोगियों से भी नाराज हैं जो युद्ध में उनके साथ कदम से कदम मिलाकर नहीं चल रहे हैं।

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