Alcohol Liver Damage Myth: क्या बियर या रेड वाइन पीने से लिवर खराब नहीं होता? जानिए शराब को लेकर क्या कहती है मेडिकल साइंस

अक्सर सोशल मीडिया पर या दोस्तों के बीच बैठने पर यह बहस छिड़ जाती है कि शराब पीने से लिवर को असल में कितना नुकसान पहुंचता है। कुछ लोग यह दावा करते हैं कि बियर पीने से लिवर को नुकसान नहीं होता, तो कुछ का मानना है कि ‘रेड वाइन’ सेहत के लिए अच्छी होती है। लेकिन क्या वाकई दुनिया में कोई ऐसी शराब है जिसे पीने से लिवर पूरी तरह सुरक्षित रह सकता है? आइए जानते हैं कि इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और मेडिकल साइंस क्या कहती है।

क्या कोई भी शराब सुरक्षित है?

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस दुनिया में ऐसी कोई शराब नहीं बनी है जिसे पीने से लिवर सुरक्षित रहे। चाहे आप कितनी ही महंगी विस्की पिएं, बियर पिएं, वोदका पिएं या फिर फैंसी रेड वाइन—हर तरह की शराब में ‘एथिल अल्कोहल’ (Ethyl Alcohol) मौजूद होता है, जो लिवर को बुरी तरह नुकसान पहुंचाता है।

जब आप शराब पीते हैं, तो उसे फिल्टर करने और शरीर से बाहर निकालने की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ लिवर पर होती है। लिवर के लिए बियर और विस्की में कोई अंतर नहीं है, उसके लिए दोनों ही हानिकारक तरल पदार्थ हैं जिन्हें बाहर निकालना जरूरी होता है।

लिवर पर कैसे काम करती है शराब?

हमारे शरीर में लिवर एक कारखाने की तरह काम करता है, जो सामान्य तौर पर एक घंटे में लगभग 10 से 14 ग्राम (यानी एक छोटे पैक) शराब को ही पचा पाता है।

  • जहरीला केमिकल (एसिटल्डिहाइड): जब कोई व्यक्ति तेजी से या अधिक मात्रा में शराब पीता है, तो लिवर पर अत्यधिक दबाव बढ़ जाता है। शराब को पचाने के दौरान लिवर ‘एसिटल्डिहाइड’ (Acetaldehyde) नाम का एक बेहद जहरीला केमिकल छोड़ता है।

  • कोशिकाओं का नाश: शरीर में इस केमिकल की मात्रा बढ़ने पर यह लिवर की स्वस्थ कोशिकाओं को तेजी से नष्ट करने लगता है।

  • फैटी लिवर से सिरोसिस तक: इसके शुरुआती असर के रूप में लिवर पर चर्बी जमने लगती है, जिसे ‘फैटी लिवर’ (Fatty Liver) कहा जाता है। यदि व्यक्ति लगातार लंबे समय तक शराब का सेवन जारी रखे, तो यह बीमारी आगे चलकर जानलेवा ‘लिवर सिरोसिस’ (Liver Cirrhosis) में बदल जाती है।

क्या बियर या वाइन वाकई कम नुकसानदेह है?

अक्सर लोगों को यह गलतफहमी होती है कि बियर में अल्कोहल की मात्रा कम (लगभग 5%) होती है, इसलिए यह लिवर को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाती। लेकिन यहां सबसे बड़ा धोखा मात्रा (Quantity) का होता है:

  • जहां विस्की या वोदका पीने वाले व्यक्ति आमतौर पर 1 या 2 छोटे पैग लेते हैं, वहीं बियर पीने वाले एक ही बैठक में 2 से 3 बड़ी बोतलें गटक जाते हैं।

  • अंत में शरीर में पहुंचने वाले अल्कोहल की कुल मात्रा उतनी ही या उससे ज्यादा हो जाती है। इसलिए बियर भी सेहत के लिए उतनी ही खतरनाक है।

क्या है मेडिकल साइंस के मुताबिक ‘सुरक्षित सीमा’?

कई लोगों के लिए अचानक या पूरी तरह से शराब छोड़ना मुश्किल होता है। ऐसे में मेडिकल रिपोर्ट्स और हेल्थ गाइडलाइंस के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता भी है, तो एक निश्चित सीमा (Moderate Drinking) का ध्यान रखना जरूरी है:

  • बियर: 350 मिलीलीटर का एक छोटा केन।

  • वाइन: 150 मिलीलीटर का एक छोटा ग्लास।

यदि इससे ज्यादा मात्रा में सेवन किया जाए, तो लिवर पर दबाव बेहिसाब बढ़ जाता है। हालांकि, डॉक्टरों की साफ सलाह यही है कि सेहतमंद रहने के लिए किसी भी तरह की शराब से दूरी बनाए रखना ही सबसे बेहतरीन विकल्प है।

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