
उत्तर प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक पत्र ने भारी हलचल मचा रखी है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के नाम और लेटरहेड का इस्तेमाल कर वीवीआईपी दर्शन के लिए अधिकारियों को भेजे गए इस पत्र की सच्चाई पर सवाल उठने लगे हैं। जैसे ही यह मामला सामने आया, प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस और संबंधित विभागों ने इसकी सत्यता की पड़ताल शुरू कर दी। प्राथमिक जांच में यह पत्र संदिग्ध माना जा रहा है, जिसके चलते पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि आखिर यह पत्र किसने और किस मकसद से जारी किया था।
पुलिस की सक्रियता और प्रशासन की कार्रवाई
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जांच टीम इस बात का पता लगाने में जुटी है कि लेटरहेड असली है या फर्जी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया था। डिप्टी सीएम कार्यालय की ओर से भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अब उन तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है जिससे यह पता चल सके कि पत्र का स्रोत क्या है और इसके पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ है या यह कोई सुनियोजित साजिश है। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों से भी इस संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया