
बॉलीवुड इंडस्ट्री में जब भी किसी ऐसे अभिनेता का जिक्र होता है जो बिना किसी शोर-शराबे के केवल अपनी आंखों और संवाद अदायगी से पर्दे पर समां बांध देता है, तो अक्षय खन्ना का नाम सबसे पहले आता है। हाल ही में फिल्म ‘छावा’ में ‘रहमान डकैत’ के खूंखार और रोंगटे खड़े कर देने वाले किरदार से दर्शकों को हैरान करने के बाद अक्षय खन्ना एक बार फिर बड़े पर्दे पर तहलका मचाने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्षय खन्ना अब नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित पौराणिक गाथा ‘रामायण’ में दैत्यगुरु ‘शुक्राचार्य’ के बेहद शक्तिशाली और रहस्यमयी किरदार में नजर आने वाले हैं।
गंभीर किरदारों से लेकर कॉमेडी और नेगेटिव शेड्स तक, अक्षय खन्ना ने हर विधा में खुद को एक बेजोड़ अभिनेता साबित किया है। आइए डालते हैं एक नजर अक्षय खन्ना के करियर के उन 10 सबसे बेहतरीन और आइकॉनिक किरदारों पर, जिन्होंने भारतीय सिनेमा में उन्हें एक अलग मुकाम दिलाया।
1. बॉर्डर (Border – धर्मवीर भान)
साल 1997 में आई जे.पी. दत्ता की इस ऐतिहासिक वॉर फिल्म में अक्षय खन्ना ने युवा और संवेदनशील सैनिक धर्मवीर भान का किरदार निभाया था। युद्ध के मैदान में जाने से पहले का उनका डर और फिर देश के लिए हंसते-हंसते जान कुर्बान करने का उनका जज्बा दर्शकों की आंखें नम कर गया। इस रोल के लिए उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था।
2. दिल चाहता है (Dil Chahta Hai – सिद्धार्थ ‘सिड’ सिन्हा)
फरहान अख्तर की कल्ट-क्लासिक फिल्म ‘दिल चाहता है’ में अक्षय खन्ना ने एक शांत, अंतर्मुखी और सुलझे हुए पेंटर ‘सिड’ का किरदार निभाया। एक उम्रदराज महिला के प्रति उनके गहरे और गरिमापूर्ण प्रेम को जिस परिपक्वता के साथ अक्षय ने पर्दे पर जिया, उसने इस किरदार को हिंदी सिनेमा के सबसे संवेदनशील किरदारों में शुमार कर दिया।
3. हमराज (Humraaz – करण मल्होत्रा)
अब्बास-मस्तान की इस थ्रिलर फिल्म में अक्षय खन्ना ने एक शातिर, लालची और धूर्त प्रेमी ‘करण मल्होत्रा’ का नेगेटिव रोल निभाया था। अपनी तीखी नजरों, स्टाइलिश अंदाज और विलेन के रोल में बेहतरीन ठहराव के लिए उन्हें बेस्ट विलेन का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था।
4. हंगामा (Hungama – जीतू विदेह)
प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी फिल्म ‘हंगामा’ में अक्षय खन्ना ने अपनी परफेक्ट कॉमिक टाइमिंग का लोहा मनवाया। गलतफहमियों के जाल में फंसे एक सीधे-सादे इलेक्ट्रॉनिक स्टोर ओनर जीतू का किरदार निभाते हुए अक्षय ने बिना किसी लाउड एक्टिंग के दर्शकों को पेट पकड़कर हंसने पर मजबूर कर दिया।
5. हलचल (Hulchul – जय ए. चंद)
कॉमेडी जॉनर में अक्षय खन्ना की एक और मास्टरक्लास परफॉर्मेंस फिल्म ‘हलचल’ में देखने को मिली। दो दुश्मनी निभाने वाले परिवारों के बीच फंसे एक चालाक लेकिन दिल के साफ लड़के ‘जय’ के रोल में अक्षय ने रोमांस, इमोशन और कॉमेडी का जबरदस्त संतुलन पेश किया।
6. रेस (Race – राजीव सिंह)
फिल्म ‘रेस’ में अक्षय खन्ना ने शराबी, लालची और अपने ही भाई की जान के पीछे पड़े ‘राजीव सिंह’ का किरदार निभाकर एक बार फिर दिखा दिया कि नेगेटिव रोल में उनसे बेहतर कोई नहीं हो सकता। क्लाइमेक्स में उनके एक्सप्रेशंस और ट्विस्ट्स ने फिल्म को सुपरहिट बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।
7. गांधी, माई फादर (Gandhi, My Father – हरिलाल गांधी)
महात्मा गांधी के सबसे बड़े बेटे हरिलाल गांधी के जीवन पर आधारित इस बायोग्राफिकल ड्रामा में अक्षय खन्ना ने अपने करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण अभिनय किया। पिता की छाया में घुटते हुए, अपनी पहचान की तलाश में भटकते और शराब की लत में डूबे एक टूटे हुए इंसान के दर्द को उन्होंने जिस शिद्दत से पर्दे पर उतारा, उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई।
8. मॉम (Mom – मैथ्यू फ्रांसिस)
श्रीदेवी की इस इंटेंस रिवेंज-थ्रिलर फिल्म में अक्षय खन्ना ने एक बेहद सख्त, होशियार और पेशेवर पुलिस अफसर मैथ्यू फ्रांसिस की भूमिका निभाई। बिना किसी अतिरिक्त ड्रामा के, केवल चेहरे के हाव-भाव और डायलॉग डिलीवरी से उन्होंने सीन में जान फूंक दी थी।
9. सेक्शन 375 (Section 375 – तरुण सलूजा)
कोर्टरूम ड्रामा फिल्मों में अक्षय खन्ना का कोई सानी नहीं है। इस फिल्म में उन्होंने एक बेहद तेज-तर्रार, तर्कशील और कानून की बारीकियों को समझने वाले क्रिमिनल लॉयर तरुण सलूजा का रोल निभाया था। कोर्ट के भीतर दिए गए उनके हर एक लॉजिकल डायलॉग ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
10. दृश्यम 2 (Drishyam 2 – आईजी तरुण अहलावत)
अजय देवगन स्टारर ‘दृश्यम 2’ में अक्षय खन्ना की एंट्री ने फिल्म के सस्पेंस को कई गुना बढ़ा दिया। आईजी तरुण अहलावत के रूप में उनकी पैनी नजरें, चाल और शांत रहकर सवाल पूछने का अंदाज इतना प्रभावशाली था कि दर्शकों की नजरें उनसे हट नहीं रही थीं।
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