
उत्तर प्रदेश में मानसून का मिजाज एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों के लिए आंधी-बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाकों में तेज बारिश के चलते लोगों को लंबे समय से परेशान कर रही उमसभरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई के इलाकों में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों व किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड के 13 जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुल 13 जिलों में बादलों की आवाजाही और भारी बारिश की संभावना जताई गई है:
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5 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’: बुंदेलखंड और पश्चिमी क्षेत्र के झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर और महोबा में मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है।
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8 जिलों में ‘येलो अलर्ट’: कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट और कौशांबी में तेज हवाओं व गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
पूर्वी यूपी में बाढ़ का संकट और नदियों का रौद्र रूप
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भले ही शुक्रवार को मौसम विभाग ने भारी बारिश की कोई बड़ी चेतावनी न दी हो और कुछ स्थानों पर हल्की धूप व बूंदाबांदी का अनुमान हो, लेकिन पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश और पहाड़ी इलाकों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा, यमुना, घाघरा और सरयू जैसी प्रमुख नदियां उफान पर बह रही हैं। प्रयागराज, वाराणसी, बलिया, गाजीपुर और गोंडा जैसे जिलों के तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया है।
उमस से राहत और तापमान का हाल
पश्चिमी यूपी के शहरों में सुबह और दोपहर के समय तेज उमस के चलते लोगों का हाल बेहाल था। हालांकि, गुरुवार शाम से बदले मौसम और शुक्रवार को संभावित बारिश के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस से काफी हद तक राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले सप्ताह के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा।
प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी
खराब मौसम और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता और किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से खुले में निकलने से बचें।
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मेघगर्जन और आकाशीय बिजली चमकने के समय पेड़ों, टीन शेड और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें, बल्कि तुरंत किसी पक्के मकान में जाएं।
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जलभराव वाले रास्तों, अंडरपास और जर्जर इमारतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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किसान खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध करें और मौसम सामान्य होने तक कीटनाशकों का छिड़काव रोक दें।
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