दुबई/तेहरान। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ा युद्ध अब खाड़ी देशों के सुरक्षित कहे जाने वाले इलाकों तक पहुंच गया है। बुधवार को ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर भीषण हमला करते हुए दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) को निशाना बनाया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक समेत चार लोग घायल हुए हैं। ईरान ने अब इस युद्ध को आर्थिक और तकनीकी मोर्चे पर ले जाने की चेतावनी देते हुए गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों को अपना अगला ‘वैध लक्ष्य’ बताया है।
दुबई एयरपोर्ट पर गिरे ड्रोन: भारतीय नागरिक घायल
दुबई मीडिया ऑफिस के अनुसार, बुधवार को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास दो आत्मघाती ड्रोन गिरे।
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हताहत: इस हमले में एक भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हुआ है। इसके अलावा घाना के दो और बांग्लादेश का एक नागरिक भी मामूली रूप से चोटिल हुए हैं।
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फ्लाइट ऑपरेशन: राहत की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक और फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य रूप से चल रहे हैं। अधिकारी वर्तमान में ड्रोन के स्रोत और हमले की तीव्रता की जांच कर रहे हैं।
UAE का एयर डिफेंस अलर्ट: 11 दिनों में 1,475 ड्रोन हमले
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों का लगातार जवाब दे रहा है।
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आपातकालीन अलर्ट: बुधवार सुबह दुबई के नागरिकों के मोबाइल पर सरकारी इमरजेंसी अलर्ट भेजे गए, जिसमें उन्हें तुरंत सुरक्षित इमारतों में जाने की सलाह दी गई।
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हमलों का रिकॉर्ड: मंत्रालय ने बताया कि पिछले 11 दिनों में यूएई पर 1,475 ड्रोन और 270 मिसाइल हमले हुए हैं, जिनमें से अधिकांश को हवा में ही नष्ट कर दिया गया है।
ईरान की नई चेतावनी: बैंक और टेक कंपनियां निशाने पर
ईरान ने इस युद्ध का दायरा बढ़ाते हुए अब ‘इकोनॉमिक वॉर’ का ऐलान कर दिया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से संबद्ध ‘खतम अल-अंबिया’ मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि:
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वित्तीय संस्थान: अमेरिका और इजरायल से जुड़े बैंक और आर्थिक केंद्र अब ईरान के निशाने पर हैं। नागरिकों को इन बैंकों के 1 किलोमीटर के दायरे से दूर रहने को कहा गया है।
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टेक दिग्गजों पर हमला: ईरान ने गूगल (Google), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), एनवीडिया (Nvidia), आईबीएम (IBM) और ओरेकल (Oracle) जैसी कंपनियों की सूची जारी की है। ईरान का दावा है कि इन कंपनियों की क्लाउड तकनीक का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, इसलिए खाड़ी देशों में स्थित इनके कार्यालय ‘वैध सैन्य लक्ष्य’ हैं।
युद्ध का बदलता स्वरूप
ईरानी मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई एक ईरानी बैंक पर हुए कथित हमले के जवाब में की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले तकनीकी और वित्तीय ढांचे को चोट पहुंचाकर अमेरिका और इजरायल पर दबाव बनाना चाहता है।
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