IAS से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल का अगला कदम तय: राजनीति, कोचिंग या विदेश?

उत्तर प्रदेश कैडर की सबसे चर्चित और तेजतर्रार पूर्व आईएएस अधिकारियों में शुमार दिव्या मित्तल के अचानक प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद से पूरे देश और ब्यूरोक्रेसी में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। 13 साल के प्रशासनिक करियर को अलविदा कहने वाली 2013 बैच की पूर्व आईएएस अफसर ने अब खुद अपने भविष्य की दिशा तय कर ली है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर उन्होंने अपने अगले कदम को लेकर चल रहे सस्पेंस को खत्म करने की तारीख और समय का ऐलान कर दिया है। दिव्या मित्तल ने सार्वजनिक रूप से उन चार प्रमुख संभावनाओं का जिक्र किया है, जिन पर उनके इस्तीफे के बाद से लगातार कयास लगाए जा रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे 29 सितंबर की सुबह 8:30 बजे खुद दुनिया के सामने अपनी नई पारी का खुलासा करेंगी।

सोशल मीडिया पोस्ट में 4 विकल्पों का जिक्र और सस्पेंस का अंत

दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बेहद दिलचस्प पोस्ट साझा कर लिखा कि उन्होंने अपने भविष्य को लेकर लोगों द्वारा की जा रही चर्चाओं को करीब से देखा और पढ़ा है। उन्होंने लिखा—”आगे क्या करना है? मैंने पढ़ा: ‘बच्चे छोटे हैं, अब घर।’ ‘अच्छा पैकेज मिलेगा, वापस विदेश।’ ‘IAS पर किताब लिखी है, कोचिंग।’ ‘टिकट पक्का हो गया होगा, राजनीति।’ 29 सितंबर, सुबह 8:30 बजे बताऊंगी”। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया यूजर्स और प्रशासनिक हलकों में भारी उत्सुकता पैदा कर दी है। जहां एक तरफ उनके राजनीति में उतरने की चर्चाएं सबसे ज्यादा गरम थीं, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा, कोचिंग और कॉरपोरेट सेक्टर में उनकी वापसी के दावे भी किए जा रहे थे। अब दिव्या मित्तल के इस सीधे संदेश से साफ हो गया है कि उन्होंने अपने नए रास्ते पर मुहर लगा दी है।

13 साल का प्रशासनिक सफर और अचानक इस्तीफे की पृष्ठभूमि

आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की पढ़ाई पूरी करने वाली दिव्या मित्तल ने लंदन में जेपी मॉर्गन जैसी दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनी में मोटे पैकेज की नौकरी छोड़कर देश सेवा के लिए भारत लौटने का फैसला किया था। उन्होंने लगातार सफलता हासिल करते हुए पहले आईपीएस और फिर 2013 में 68वीं रैंक के साथ आईएएस बनकर इतिहास रचा था। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, संतकबीर नगर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी (DM) रहते हुए उन्होंने अपनी निडर और पारदर्शी कार्यशैली से जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। विशेष रूप से मिर्जापुर के लहुरीयदह गांव में आजादी के 76 साल बाद पहली बार पहाड़ी पर पाइपलाइन से पानी पहुंचाने के उनके भागीरथ प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया था। 30 अगस्त को उन्होंने अचानक अपने पद से त्यागपत्र देकर सबको चौंका दिया, जिसे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 14 सितंबर को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया था।

राजनीति, कोचिंग या विदेश: किस दिशा में मुड़ेगा नया सफर?

दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद से सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा कयास इस बात के लगाए जा रहे थे कि वह सक्रिय राजनीति में उतर सकती हैं। विपक्षी दलों के नेताओं के बयानों और सोशल मीडिया पर आगामी चुनावों से उनके नाम को जोड़े जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई थी। हालांकि, उनके पूर्व ट्रैक रिकॉर्ड और यूपीएससी की तैयारी पर लिखी गई किताब के चलते कई विश्लेषकों का मानना है कि वह लाखों सिविल सेवा अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए कोचिंग व मेंटरशिप के क्षेत्र में एक बड़ा मंच शुरू कर सकती हैं। इसके अलावा, उनके पति गगनदीप सिंह ढिल्लों भी पूर्व सिविल सेवक रह चुके हैं और सरकारी सेवा छोड़कर निजी क्षेत्र में सक्रिय हैं, जिससे कॉरपोरेट या अंतरराष्ट्रीय कंसल्टिंग में जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अब हर किसी की निगाहें कल सुबह 8:30 बजे पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि देश की चर्चित पूर्व आईएएस अफसर अपनी जिंदगी का नया अध्याय किस भूमिका में शुरू करेंगी।

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