लखनऊ में बाढ़ के पानी में डूबे 6 दोस्त: गोमती के तेज बहाव में एक की दर्दनाक मौत

राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के विकराल रूप और बाढ़ के पानी के फैलाव के बीच एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। उफनती नदी और जलमग्न इलाकों को देखने पहुंचे 6 दोस्त अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगे। आसपास मौजूद स्थानीय नागरिकों और गोताखोरों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया और 5 युवकों को सकुशल पानी से बाहर खींच लिया। हालांकि, गहरे पानी में डूब जाने के कारण छठे दोस्त की जान नहीं बचाई जा सकी। इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बाढ़ के उफान के दौरान हुए इस हादसे ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और तटीय इलाकों में लोगों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नहाने और रील बनाने के चक्कर में हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छह दोस्तों का यह समूह बाढ़ के पानी का मंजर देखने और मौज-मस्ती करने के लिए जलमग्न इलाके के पास पहुंचा था। इनमें से कुछ युवक पानी के किनारे बैठकर मोबाइल से वीडियो और रील बना रहे थे, जबकि कुछ लोग पानी में उतरकर नहाने लगे।

नदी के किनारे पानी कम लग रहा था, लेकिन आगे चलकर अचानक जमीन धंसी हुई थी और बैक-फ्लो के कारण पानी का करंट (बहाव) काफी तेज था। जैसे ही एक युवक का पैर फिसला और वह गहरे गड्ढे में समाने लगा, उसे बचाने के प्रयास में बाकी पांचों दोस्त भी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर गहरे पानी की ओर खिंचते चले गए। कुछ ही पलों में चीख-पुकार मच गई और सभी युवक पानी में हाथ-पांव मारते हुए डूबने लगे।

स्थानीय गोताखोरों ने दिखाई बहादुरी, 5 को जिंदा निकाला

युवकों के डूबने की आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण, नाविक और स्थानीय गोताखोर बिना एक पल गंवाए उफनते पानी में कूद पड़े। गोताखोरों ने तेजी दिखाते हुए डूब रहे पांच युवकों को एक-एक कर पकड़ लिया और रस्सियों व तैरने वाले ट्यूब्स के सहारे किनारे तक सुरक्षित खींच लाए।

हालांकि, इस अफरा-तफरी के बीच एक युवक नदी के गहरे भंवर में फंस गया और पानी के नीचे ओझल हो गया। जब तक गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद उसे तलाशा और बाहर निकाला, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, इलाके में मातम

हादसे की खबर मिलते ही मृतक युवक के घर में चीख-पुकार मच गई। रोते-बिलखते परिजन घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। बचाए गए पांचों युवकों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन अपने दोस्त को अपनी आंखों के सामने खो देने के सदमे से वे बुरी तरह कांप रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि बचाए गए युवकों को प्राथमिक उपचार के बाद काउंसलिंग दी जा रही है और उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।

प्रशासन की सख्त चेतावनी: बाढ़ के पानी और किनारों से रहें दूर

घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। लखनऊ के पुलिस कमिश्नरेट और नगर निगम की टीमों ने गोमती के तटीय इलाकों, बंधों और जलमग्न सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

अधिकारियों ने आम जनता और खासकर युवाओं से सख्त अपील जारी की है:

  • नदी और जलभराव वाले इलाकों में न जाएं: बाढ़ का पानी देखने, सेल्फी लेने या सोशल मीडिया रील्स बनाने के लिए किनारों पर जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

  • गहराई का अनुमान न लगाना जानलेवा: सड़कों और मैदानों में भरे बाढ़ के पानी के नीचे खुले नाले, गड्ढे और तेज करंट हो सकते हैं, जो जानलेवा साबित होते हैं।

  • पुलिस की पेट्रोलिंग: पुलिस को निर्देश दिया गया है कि जो भी व्यक्ति सुरक्षा बैरिकेडिंग तोड़कर पानी में उतरता दिखे, उस पर धारा 144 और संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।

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