लखनऊ अग्निकांड के बाद पूरे UP में अलर्ट: कोचिंग और डिजिटल लाइब्रेरी की जांच के लिए 1 सप्ताह का विशेष अभियान शुरू, सील होंगे डिफाल्टर भवन

प्रयागराज : राजधानी लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग संस्थान की बहुमंजिला इमारत में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में छात्रों समेत 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

संभावित हादसों को रोकने के लिए प्रयागराज, आगरा, मुरादाबाद और मेरठ जैसे बड़े महानगरों में जिला प्रशासन, विकास प्राधिकरण और अग्निशमन (Fire) विभाग ने मंगलवार (23 जून 2026) से एक वृहद संयुक्त चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। पूरे सूबे में एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाकर सभी व्यावसायिक और शैक्षणिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी।

इन 8 प्रमुख बिंदुओं पर होगी कोचिंग और लाइब्रेरी की जांच

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) चंद्र मोहन शर्मा के अनुसार, सभी प्रमुख कोचिंग संस्थानों और आजकल तेजी से खुल रही डिजिटल लाइब्रेरीज़ का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया जाएगा। टीमों को विशेष रूप से 8 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं:

  • फायर एनओसी (Fire NOC) की स्थिति: क्या भवन के पास वैध अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र है।

  • आपातकालीन निकास (Emergency Exit): आपदा के समय छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक रास्ते की उपलब्धता।

  • अग्निशमन यंत्र: बिल्डिंग में फायर एक्स्टिंग्विशर (अग्निशामक उपकरण) काम कर रहे हैं या नहीं।

  • प्रवेश और निकास द्वार: सीढ़ियों और दरवाजों की चौड़ाई मानकों के अनुसार है या नहीं।

  • विद्युत वायरिंग (Electrical Audit): शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए तारों और लोड की स्थिति।

  • संकरी गलियों पर फोकस: तंग और संकरी गलियों में चल रहे संस्थानों को प्राथमिकता पर जांचा जाएगा, जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आसानी से नहीं पहुंच सकतीं।

  • भवन पंजीकरण और क्षमता: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे सेंटरों और क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने वाले संस्थानों पर कार्रवाई होगी।

प्रयागराज (PDA): नियमों की अनदेखी पर सीधे सील होंगी इमारतें

लखनऊ की घटना के बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने कड़ा रुख अपनाया है। पीडीए के उपाध्यक्ष ऋषिराज ने सभी जोनल अधिकारियों और इंजीनियरों को तत्काल फील्ड पर उतरने के आदेश दिए हैं।

उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कोचिंग संचालकों और भवन स्वामियों से संपर्क कर अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास और विद्युत सुरक्षा को लेकर सीधे संवाद किया जाएगा। यदि तय मानकों में कोई कमी पाई जाती है और तुरंत सुधार नहीं किया जाता, तो इमारतों को सीधे सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

मुरादाबाद और अन्य जिलों में टीमों का गठन

  • मुरादाबाद: मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने निरीक्षण के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें हैलेट रोड, कटघर, बिलारी, कांठ और ठाकुरद्वारा क्षेत्रों में एक सप्ताह तक सघन चेकिंग चलाएंगी।

  • प्रयागराज जिला प्रशासन: जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने भवनों में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के लिए एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी होटलों, कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक मॉल की जांच कर सीधे डीएम को रिपोर्ट सौंपेगी।

जांच के साथ ही छात्रों को मिलेगी बेसिक ट्रेनिंग

इस अभियान की एक खास बात यह है कि टीमें केवल कमियां निकालकर जुर्माना या नोटिस नहीं देंगी। सीएफओ ने बताया कि चेकिंग के दौरान कोचिंग संचालकों, स्टाफ और वहां पढ़ रहे छात्रों को आग लगने की स्थिति में तुरंत बचाव करने और फायर फाइटिंग उपकरणों को चलाने की बेसिक ट्रेनिंग और मॉक ड्रिल भी कराई जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बच्चे खुद को सुरक्षित रख सकें।

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