सियासी होली: फूलों की होली के बीच अखिलेश का सीएम योगी पर तीखा वार; बोले- ‘सिर्फ भगवा पहनने से कोई योगी नहीं बन जाता’

सैफई/इटावा: होली के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश की सियासत में जुबानी जंग और तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पैतृक गांव सैफई में कार्यकर्ताओं के साथ फूलों की होली खेली। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘शांति और अराजकता’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए उन पर सीधा हमला बोला। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि केवल कपड़े पहन लेने से कोई ‘योगी’ नहीं हो जाता, योगी होने के लिए कर्म और विचार भी वैसे ही होने चाहिए।

सैफई में उमड़ा जनसैलाब, फूलों से सराबोर हुए अखिलेश

गुरुवार को सैफई के महोत्सव पंडाल में होली का भव्य आयोजन किया गया। यहाँ अखिलेश यादव ने मंच से कार्यकर्ताओं पर फूलों की वर्षा की और उन्हें त्योहार की बधाई दी। इस मौके पर उनके साथ शिवपाल सिंह यादव और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। उत्सव के बीच में पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश पूरी तरह राजनीतिक मोड में नजर आए और उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा।

‘योगी’ की परिभाषा पर छिड़ा संग्राम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘जहां अराजकता होती है वहां उत्साह नहीं होता’, अखिलेश ने पलटवार किया। सपा प्रमुख ने कहा, “योगी होने का मतलब समाज को जोड़ना होता है, न कि उसे बांटना। सिर्फ चोला पहन लेने से और दिखावे की बातें करने से कोई योगी नहीं कहलाता। असली योगी वह है जो जनता के दुख-दर्द को समझे और न्याय करे।” उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में जनता महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है, क्या सरकार के पास इसका कोई जवाब है?

‘2027 की तैयारी है यह होली’

अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनावों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह रंगों का त्योहार बदलाव का संदेश लेकर आया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के शासन में लोकतंत्र खतरे में है और जनता अब ऊब चुकी है। अखिलेश ने कहा, “हम रंगों और फूलों से भाईचारे की होली मना रहे हैं, जबकि भाजपा नफरत की राजनीति कर रही है। आने वाले समय में प्रदेश की जनता इस ‘नफरत के रंग’ को पूरी तरह साफ कर देगी।”

सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

होली के दिन भी अखिलेश ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यूपी में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस का इस्तेमाल केवल विपक्ष को दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल बड़े-बड़े दावों में व्यस्त है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। सैफई में आयोजित इस होली मिलन समारोह में प्रदेश भर से आए हजारों समर्थकों ने ‘समाजवाद’ के नारे लगाए।

 

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