पहलगाम हमले की बरसी: ‘आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा भारत’, पीएम मोदी ने शहीदों को याद कर दुश्मनों को ललकारा

श्रीनगर/नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए दिल दहला देने वाले आतंकी हमले की आज पहली बरसी है। इस भावुक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों और वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने दोटूक शब्दों में दुनिया को संदेश दिया कि भारत न तो इन बलिदानों को भूलेगा और न ही कभी आतंकवाद के नापाक मंसूबों के आगे घुटने टेकेगा।

पीएम मोदी का भावुक संदेश: ‘देश की अंतरात्मा पर बोझ है यह त्रासदी’

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा कि पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में जो हुआ, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लिखा, “आज मैं उन निर्दोष लोगों को याद कर रहा हूं जिन्होंने पिछले साल आज ही के दिन अपनी जान गंवाई थी। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है।” पीएम ने इस हमले को एक ऐसी त्रासदी बताया जो आज भी देश की अंतरात्मा को झकझोर देती है।

आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ का संकल्प

श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने भारत के कड़े संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने आतंकवादियों और उनके आकाओं को चेतावनी देते हुए कहा, “भारत दुख की इस घड़ी में एकजुट है, लेकिन हमारा संकल्प अटूट है। हम किसी भी रूप में आतंकवाद के आगे नहीं झुकेंगे। दुश्मनों के घिनौने मंसूबे कभी कामयाब नहीं होने दिए जाएंगे।”

छावनी में तब्दील हुई घाटी: चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा सख्त

पहलगाम हमले की पहली बरसी को देखते हुए पूरे जम्मू-कश्मीर, खासकर बैसरन घाटी और पहलगाम के पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

  • सघन तलाशी अभियान: आने-जाने वाले हर वाहन और संदिग्ध व्यक्ति की सख्ती से तलाशी ली जा रही है।

  • हाई-लेवल मॉनिटरिंग: मंगलवार से ही सुरक्षा बलों के आला अधिकारी खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

  • अतिरिक्त बल की तैनाती: संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है ताकि शांति भंग न हो सके।

लिद्दर नदी के किनारे बना ‘शहीद स्मारक’, नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि

हमले के पीड़ितों की याद को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए लिद्दर नदी के किनारे काले संगमरमर से एक भव्य स्मारक का निर्माण किया गया है। इस स्मारक पर उन सभी लोगों के नाम अंकित हैं जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई थी। बुधवार को स्थानीय प्रशासन द्वारा यहां एक विशेष श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों ने भी नम आंखों से शहीदों को नमन किया।

क्या हुआ था 22 अप्रैल 2025 को?

पिछले साल आज ही के दिन आतंकियों ने पहलगाम में कायरतापूर्ण हमले को अंजाम दिया था, जिसने पूरे देश को रुला दिया था। इस घटना के बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों को और अधिक आक्रामक बना दिया था, जिसके परिणामस्वरूप कई बड़े आतंकी कमांडरों को ढेर किया गया।

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