अपरा एकादशी 2026: आज शुभ मुहूर्त में करें श्रीहरि की पूजा, ये 3 चमत्कारी मंत्र काटेंगे जीवन की हर बाधा

लखनऊ/नई दिल्ली: ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की पावन अपरा एकादशी आज, यानी 13 मई 2026 को मनाई जा रही है। शास्त्रों में इस एकादशी का महत्व ‘अपार’ फल देने वाला बताया गया है। मान्यता है कि जो भक्त आज के दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, उनके जीवन से दरिद्रता और संकटों का नाश होता है। यदि आप भी अपने कार्यों में आ रही रुकावटों से परेशान हैं, तो आज का दिन आपके लिए वरदान साबित हो सकता है।

अपरा एकादशी 2026: पूजा का सटीक समय और शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि का प्रारंभ कल दोपहर से ही हो गया था, लेकिन उदयातिथि के अनुसार व्रत आज रखा जा रहा है।

  • तिथि समापन: आज दोपहर 01:29 बजे तक।

  • पूजा का समय: समापन समय से पहले विष्णु पूजन और व्रत कथा का पाठ करना अति शुभ है।

  • पारण का समय: व्रत खोलने (पारण) का शुभ मुहूर्त कल, 14 मई को सुबह 05:31 से 08:14 बजे तक रहेगा।

इन 3 महामंत्रों से प्रसन्न होंगे भगवान विष्णु

पूजा के समय यदि इन विशेष मंत्रों का शांत मन से जाप किया जाए, तो मानसिक शांति के साथ-साथ अटके हुए कार्यों में सफलता मिलती है:

  1. ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥

    • महत्व: यह विष्णु जी का सबसे सरल और प्रभावशाली मंत्र है। इसके निरंतर जाप से एकाग्रता बढ़ती है और प्रभु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

  2. ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

    • महत्व: यह विष्णु गायत्री मंत्र है। यह बुद्धि को सन्मार्ग पर ले जाने और नकारात्मक विचारों को दूर करने में सहायक माना जाता है।

  3. मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥

    • महत्व: किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में इस मंत्र का उच्चारण करने से जीवन में मंगल और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

पूजा की सरल विधि: ऐसे पाएं श्रीहरि का आशीर्वाद

आज सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें पीले फूल, फल व तुलसी दल (तुलसी के पत्ते) अर्पित करें। ध्यान रहे कि विष्णु जी की पूजा बिना तुलसी के अधूरी मानी जाती है। घी का दीपक जलाकर आरती करें और दिन भर प्रभु का ध्यान करें।

सावधान: एकादशी पर न करें ये गलतियां

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

  • चावल का त्याग: एकादशी पर चावल खाना और बनाना वर्जित है।

  • सात्विकता: तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) से दूर रहें।

  • व्यवहार: किसी की बुराई न करें, झूठ बोलने से बचें और क्रोध पर नियंत्रण रखें।

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