दिसपुर। असम विधानसभा चुनाव 2026 के महामुकाबले का शोर थम चुका है और अब सबकी निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। सत्ता की कुर्सी किसे मिलेगी, इसे लेकर राजनीतिक पंडितों से लेकर आम जनता तक में जबरदस्त उत्सुकता है। नतीजों से पहले एग्जिट पोल्स (Exit Polls) के जरिए हवा का रुख भांपने की कोशिश की जाएगी। लेकिन इन आंकड़ों पर कितना भरोसा किया जा सकता है? इसका जवाब पिछले चुनावों के रिकॉर्ड में छिपा है। विशेषकर 2021 के चुनावों में, जब लगभग सभी प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने असम की नब्ज को बिल्कुल सही पहचाना था।
2021 का मुकाबला: ‘एनडीए’ बनाम ‘महाजोत’
साल 2021 में असम की 126 विधानसभा सीटों पर मुख्य जंग भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘महाजोत’ (Mahajot) के बीच थी। बहुमत के लिए 64 सीटों की दरकार थी और मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा था। वोटिंग खत्म होते ही एग्जिट पोल्स ने जो आंकड़े पेश किए, उन्होंने असम की राजनीति की एक साफ तस्वीर पेश की थी।
जब एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणी हुई सच
2021 के चुनावों में लगभग हर प्रमुख एजेंसी ने असम में एनडीए की वापसी की सटीक भविष्यवाणी की थी:
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इंडिया टुडे – एक्सिस माय इंडिया: इस सर्वे ने एनडीए को 75-85 सीटें मिलने का अनुमान जताया था, जो नतीजों के सबसे करीब रहा।
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रिपब्लिक टीवी – सीएनएक्स (CNX): इन्होंने एनडीए को 74-84 सीटें और महाजोत को 40-50 सीटें दी थीं।
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एबीपी न्यूज – सी-वोटर: इन्होंने मुकाबले को थोड़ा करीबी बताते हुए एनडीए को 58-71 सीटों के बीच रखा था।
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न्यूज24 – टुडेज चाणक्य: इन्होंने एनडीए को 61 से 79 सीटों के बीच का अनुमान दिया था।
2 मई 2021: क्या रहे थे असल नतीजे?
जब वोटों की गिनती हुई, तो एग्जिट पोल्स की साख और मजबूत हो गई। एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 75 सीटें जीतीं और स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसमें अकेले भाजपा ने 60 सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखाई। वहीं, कांग्रेस का ‘महाजोत’ महज 50 सीटों पर सिमट गया, जिसमें कांग्रेस के खाते में 29 सीटें आईं। आंकड़ों ने साबित किया कि इंडिया टुडे और रिपब्लिक टीवी जैसे पोल्स का आकलन बिल्कुल सटीक था।
2016 में भी दिखा था सही रुझान
सिर्फ 2021 ही नहीं, 2016 के चुनावों में भी एग्जिट पोल्स ने भाजपा की पहली बार सरकार बनने का सही संकेत दिया था। उस समय भी ‘चाणक्य’ और ‘एक्सिस’ जैसे पोल्स ने कांग्रेस के 15 साल के शासन के अंत की भविष्यवाणी की थी, जो नतीजों में सच साबित हुई। भाजपा ने पहली बार असम की सत्ता में कदम रखा था।
4 मई 2026 का इंतजार
अब सवाल यह है कि क्या 2026 में भी एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणियां उसी सटीकता के साथ दोहराई जाएंगी? क्या भाजपा गठबंधन हैट्रिक लगाएगा या कांग्रेस का ‘महाजोत’ इस बार कोई बड़ा उलटफेर करने में कामयाब होगा? इन तमाम सवालों के जवाब 4 मई को मिलने वाले आधिकारिक नतीजों के साथ ही साफ होंगे।
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