सावधान! वॉशरूम में मोबाइल ले जाने की आदत कहीं आपको बीमार तो नहीं बना रही? एक्सपर्ट ने दी बड़ी चेतावनी…

Health Alert: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और डिजिटल लत ने हमारी जीवनशैली में कई ऐसे बदलाव ला दिए हैं जो ऊपर से सामान्य दिखते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर शरीर को खोखला कर रहे हैं। इन्हीं आदतों में से एक है ‘टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल’। आजकल लोग वॉशरूम जाते समय अपना स्मार्टफोन साथ ले जाना नहीं भूलते और वहां घंटों समय बिताते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट सोनिया नारंग ने इस आदत को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि यह छोटी सी लगने वाली लापरवाही आपकी सेहत के लिए ‘साइलेंट किलर’ साबित हो सकती है।

वॉशरूम में मोबाइल: बीमारियों को खुला निमंत्रण

न्यूट्रिशनिस्ट सोनिया नारंग के अनुसार, टॉयलेट सीट पर बैठकर मोबाइल चलाने से आप अनजाने में कई घातक कीटाणुओं के संपर्क में आ जाते हैं। वॉशरूम में ई-कोलाई (E. coli) और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया भारी मात्रा में मौजूद होते हैं। जब आप वहां मोबाइल का उपयोग करते हैं, तो ये बैक्टीरिया फोन की स्क्रीन और कवर पर चिपक जाते हैं। हाथ धोने के बाद भी जब आप दोबारा फोन छूते हैं, तो ये कीटाणु आपके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे पेट संबंधी गंभीर संक्रमण और डायरिया का खतरा बढ़ जाता है।

बवासीर (Piles) का बढ़ सकता है खतरा

शायद आप यह जानकर हैरान रह जाएं कि वॉशरूम में ज्यादा समय बिताना आपको बवासीर या पाइल्स का मरीज बना सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोबाइल देखते समय लोग समय का अंदाजा नहीं लगा पाते और टॉयलेट सीट पर लंबे समय तक बैठे रहते हैं। इस स्थिति में शरीर के निचले हिस्से और मलाशय (Rectum) की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लगातार बना रहने वाला यह दबाव नसों में सूजन पैदा करता है, जो आगे चलकर बवासीर जैसी कष्टदायक बीमारी का रूप ले लेता है।

मानसिक सेहत और पाचन पर बुरा असर

सोनिया नारंग ने बताया कि टॉयलेट का समय शरीर के उत्सर्जन तंत्र को आराम देने और प्राकृतिक प्रक्रिया को पूरा करने के लिए होता है। लेकिन मोबाइल के कारण दिमाग बंटा रहता है, जिससे ‘बाउल मूवमेंट’ की प्राकृतिक प्रक्रिया बाधित होती है। इससे कब्ज (Constipation) की समस्या पैदा हो सकती है। इसके अलावा, यह आदत आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी ठीक नहीं है। यह ‘डिजिटल डिटॉक्स’ के उस छोटे से मौके को भी खत्म कर देती है, जिससे तनाव और चिंता का स्तर बढ़ सकता है।

बचाव के लिए क्या करें?

हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह है कि स्वस्थ रहने के लिए वॉशरूम को ‘फोन फ्री जोन’ घोषित कर दें। यदि आप गलती से फोन ले भी जाते हैं, तो बाहर निकलने के बाद उसे सैनिटाइजर से साफ करना न भूलें। कोशिश करें कि टॉयलेट सीट पर 5 से 10 मिनट से ज्यादा न बैठें। अपनी आदतों में यह छोटा सा बदलाव आपको भविष्य की बड़ी बीमारियों और अस्पताल के चक्कर काटने से बचा सकता है। याद रखें, आपका स्मार्टफोन आपकी सेहत से ज्यादा कीमती नहीं है।

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