चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सीबीआई का बड़ा एक्शन: शुभेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या की साजिश रचने वाले दो मुख्य संदिग्ध भाई गिरफ्तार, प्रतिद्वंद्वी पार्टी से जुड़े तार

पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में सनसनीखेज माने जाने वाले चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बहुत बड़ा और निर्णायक ब्रेकथ्रू हासिल किया है। सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के प्रमुख राजनीतिक चेहरे और शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश रचने के आरोप में दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में राज्य की एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक पार्टी के स्थानीय कार्यालय और पदाधिकारियों के साथ संभावित संबंधों के सुराग भी हाथ लगे हैं, जिससे मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है।

लैंडलाइन कॉल रिकॉर्ड्स और प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक पार्टी से गहरा कनेक्शन

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी सगे भाई हैं, जिनकी पहचान सागर सोनकर और साहिब सोनकर के रूप में हुई है, और वे मृतक रथ के साथ ही काम करते थे। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रथ के साथ काम करने के दौरान सागर सोनकर लैंडलाइन फोन के जरिए सीधे तौर पर एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक पार्टी के कार्यालय के नियमित संपर्क में था। सीबीआई की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन छानबीन के बाद यह शक पुख्ता हुआ। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सागर 2020 तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने से पहले उसी प्रतिद्वंद्वी पार्टी के एक स्थानीय विधायक के साथ काम करता था, जिसके बाद से एजेंसी अब उस अज्ञात व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है जिसके संपर्क में सागर लगातार बना हुआ था।

दिसंबर 2025 से रची जा रही थी हत्या की खौफनाक साजिश

जांच एजेंसियों के अनुसार, आगामी 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कोलकाता के भवानीपुर क्षेत्र में शुभेंदु अधिकारी के चुनाव अभियान के मुख्य संचालनकर्ता रहे चंद्रनाथ रथ को रास्ते से हटाने की यह साजिश दिसंबर 2025 से ही बुनी जा रही थी। हालांकि, विभिन्न कारणों के चलते इसे कुछ समय के लिए टालना पड़ा था। सीबीआई की जांच में यह पुख्ता सबूत मिले हैं कि सागर सोनकर ने ही उन हमलावरों के साथ कथित तौर पर सीधा संपर्क साधा था जिन्हें रथ की हत्या की ‘सुपारी’ दी गई थी। आरोप है कि सागर ने ही इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम तक पहुंचाने के लिए शूटरों को पैसों का भुगतान किया था। गौरतलब है कि गत 6 मई को उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के पास जब रथ अपनी कार से यात्रा कर रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी।

सीबीआई की अब तक की गिरफ्तारियां और आगे का शिकंजा

इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए सीबीआई ने अब तक कानून का शिकंजा कसते हुए कुल नौ से अधिक लोगों को दबोच लिया है। एजेंसी इससे पहले छह मुख्य हमलावरों— मोनू सिंह, राज सिंह, गोलू सिंह, मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और नवीन कुमार सिंह— के अलावा सुपारी लेने वाले मुख्य किरदारों विनय राय, संजय राय और विकास मिश्रा को भी गिरफ्तार कर चुकी है। हाल ही में गिरफ्तार किए गए सागर और साहिब सोनकर को कोलकाता की विशेष अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जबकि इस पूरे षड्यंत्र में शामिल एक अन्य आरोपी अभी भी कानून की पकड़ से दूर फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

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