ट्रंप की नाकाबंदी योजना को बड़ा झटका: जापान ने होर्मुज में ‘माइनस्वीपर’ भेजने का फैसला टाला, कहा- “शांति पहली प्राथमिकता”

टोक्यो/वॉशिंगटन: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान के खिलाफ मोर्चाबंदी कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। खाड़ी क्षेत्र में समुद्र के नीचे बिछी बारूदी सुरंगों (Naval Mines) को साफ करने के लिए अमेरिका के सबसे भरोसेमंद सहयोगी जापान ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। जापान सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसने फिलहाल वहां अपने माइनस्वीपर जहाज तैनात करने का कोई निर्णय नहीं लिया है।


जापान का रुख: “अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं”

जापान के चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी मिनोरू किहारा ने सोमवार को मीडिया को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ‘समुद्री आत्मरक्षा बल’ (JMSDF) की तैनाती पर अभी तक कोई आखिरी मुहर नहीं लगी है। जापान का कहना है कि:

  • वह स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।

  • पहली प्राथमिकता तनाव को कम करना और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।

  • जापान चाहता है कि अमेरिका और ईरान इस्लामाबाद वार्ता की विफलताओं को पीछे छोड़कर एक व्यापक समझौते की दिशा में आगे बढ़ें।

क्या है ‘माइनस्वीपर’ और क्यों है इसकी जरूरत?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की तेल आपूर्ति का सबसे संवेदनशील मार्ग है। ईरान ने दावा किया है कि इस मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए उसने वहां बारूदी सुरंगें बिछाई हैं, जबकि अमेरिका का आरोप है कि ये सुरंगें अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खतरा हैं।

  • माइनस्वीपर (Minesweeper): ये विशेष नौसैनिक जहाज होते हैं जो पानी के अंदर छिपी बारूदी सुरंगों का पता लगाते हैं और उन्हें सुरक्षित रूप से नष्ट कर देते हैं।

  • जापान की ताकत: जापान के पास दुनिया की सबसे उन्नत माइनस्वीपिंग टीम है। उनके पास ‘अवाजी’ श्रेणी के आधुनिक जहाज हैं, जो ‘फाइबर-रिइन्फोर्स्ड प्लास्टिक’ (FRP) से बने होते हैं। इनकी खासियत यह है कि ये रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आते और माइंस के चुंबकीय प्रभाव से भी सुरक्षित रहते हैं।

ट्रंप की रणनीति पर क्या होगा असर?

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार से ही होर्मुज में नाकाबंदी और निगरानी बढ़ाने का ऐलान किया था। उन्हें उम्मीद थी कि जापान अपनी कुशल माइनस्वीपिंग टीम भेजकर समुद्र को साफ करने में मदद करेगा। जापान के इस इनकार (या देरी) से अमेरिका की नाकाबंदी योजना कमजोर पड़ सकती है, क्योंकि बिना माइनस्वीपर के अमेरिकी युद्धपोतों के लिए उन पानी में उतरना जोखिम भरा हो सकता है।

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