पटना/रियाद: बिहार की राजनीति से लेकर खाड़ी देशों के युद्ध तक, आज की सुबह बड़ी खबरों के साथ शुरू हुई है। पटना के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देकर दिल्ली की राजनीति में शिफ्ट हो सकते हैं। वहीं, सात समंदर पार मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है, जहाँ ईरान ने एक बार फिर दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘सऊदी अरामको’ के ठिकानों पर भीषण ड्रोन हमला किया है।
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तय? पटना में बैठकों का दौर
बिहार में एक बार फिर ‘खेला’ होने के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार गुरुवार (5 मार्च) को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। चर्चा है कि वे मुख्यमंत्री पद छोड़कर केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास (1 अणे मार्ग) पर वरिष्ठ जदयू नेताओं की मैराथन बैठकें जारी हैं। इस संभावित बदलाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पटना दौरा भी काफी अहम माना जा रहा है, जहाँ नई सरकार के स्वरूप पर मुहर लग सकती है।
निशांत कुमार की सरप्राइज एंट्री: क्या बनेंगे अगले डिप्टी सीएम?
बिहार की सियासत में सबसे चौंकाने वाली खबर नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। लंबे समय तक राजनीति से दूर रहने वाले निशांत अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं। जदयू के गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि उन्हें नई सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, संभवतः उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) का पद दिया जा सकता है। पार्टी के कई मंत्रियों ने भी निशांत के राजनीति में आने की खबरों की पुष्टि की है, जिससे युवा कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
अरामको पर फिर ड्रोन स्ट्राइक: ईरान की चेतावनी से हिला बाजार
सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी ‘सऊदी अरामको’ की रास तनुरा (Ras Tanura) रिफाइनरी पर ईरान ने एक बार फिर ड्रोन से निशाना साधा है। यह हमला पिछले 48 घंटों में दूसरा बड़ा प्रहार है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, हमलावरों ने रिफाइनरी को भारी नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद एयर डिफेंस ने अधिकांश ड्रोनों को हवा में ही ढेर कर दिया। हालांकि, इस हमले के बाद एहतियातन प्लांट के कुछ हिस्सों में कामकाज रोकना पड़ा है, जिससे ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल की आशंका है।
श्रीलंका तट पर ‘खूनी संघर्ष’: 101 नाविक अब भी लापता
हिंद महासागर भी युद्ध का मैदान बना हुआ है। श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास ईरानी युद्धपोत ‘IRIS Dena’ पर अमेरिकी परमाणु पनडुब्बी द्वारा किए गए टॉरपीडो हमले में अब तक 101 नाविक लापता बताए जा रहे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में 78 लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की बड़ी सफलता बताया है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारतीय नौसेना भी हाई अलर्ट पर है।
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