Hongdu JL-8 crash : पाकिस्तान वायुसेना की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक बार फिर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक बड़ा विमान हादसा हुआ है। इस बार निशाना बना है चीन के सहयोग से बना ट्रेनिंग विमान ‘हांगडू JL-8’। नियमित उड़ान के दौरान हुए इस क्रैश ने एक बार फिर चीन के रक्षा उपकरणों की गुणवत्ता और पाकिस्तान की हवाई सुरक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मियांवाली में दिखा आसमान से गिरता मौत का मंजर
यह दुर्घटना पाकिस्तानी पंजाब के मियांवाली इलाके में हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, हांगडू JL-8 विमान अपनी नियमित ट्रेनिंग उड़ान पर था, तभी इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और विमान अनियंत्रित होकर जमीन पर आ गिरा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विमान के मलबे को धू-धू कर जलते हुए और आसमान से दो पैराशूट को नीचे आते हुए साफ देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि पैराशूट के जरिए पायलटों ने अपनी जान बचाने की कोशिश की, हालांकि पाकिस्तानी सेना की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
तकनीकी खराबी बनी दुर्घटना की वजह
चीन की सरकारी मीडिया शिन्हुआ ने भी इस घटना की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी (Technical Malfunction) आई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ। हालांकि, चीनी मीडिया ने इसे ‘तकनीकी समस्या’ बताया है, लेकिन पाकिस्तानी वायुसेना के लिए यह शर्मिंदगी का विषय बन गया है। अधिकारियों ने दुर्घटना के सही कारणों की जांच के लिए बोर्ड ऑफ इंक्वायरी बैठा दी है।
पाकिस्तान में विमान हादसों का पुराना नाता
पाकिस्तान में फाइटर और ट्रेनिंग जेट्स का क्रैश होना कोई नई बात नहीं है। मियांवाली इलाका पिछले कई सालों से इन हादसों का केंद्र बना हुआ है। जनवरी 2020 में भी इसी तरह का एक FT-7 जेट क्रैश हुआ था, जिसमें दो पायलटों ने अपनी जान गंवाई थी। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 18 वर्षों में पाकिस्तान के करीब 14 FT-7 फाइटर जेट क्रैश हो चुके हैं। इसके अलावा, एफ-7 (F-7) विमानों के हादसे में विंग कमांडर मोहम्मद शहजाद जैसे कई जांबाज अधिकारियों को भी पाकिस्तान खो चुका है।
चीन की तकनीक पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर चीन के रक्षा उत्पादों की विश्वसनीयता पर तीखी बहस छिड़ गई है। पाकिस्तान की सेना बड़ी उम्मीदों के साथ चीन से विमान और तकनीक खरीदती है, लेकिन बार-बार होने वाले ये क्रैश चीन के ‘मेड इन’ दावों की पोल खोलते नजर आते हैं। हालांकि, भारतीय वायुसेना में भी पुराने विमानों के क्रैश की खबरें आती रही हैं, लेकिन स्वदेशी तेजस फाइटर जेट के प्रदर्शन ने भारतीय तकनीक को वैश्विक स्तर पर एक सुरक्षित विकल्प के रूप में स्थापित किया है।
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