राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच दिल्ली पहुंचे सीएम योगी, अमित शाह से 40 मिनट की सीक्रेट मुलाकात से सियासी हलचल तेज

नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर मचे देशव्यापी सियासी घमासान और आगामी चुनावी तैयारियों के बीच एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम अचानक नई दिल्ली का दौरा कर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। करीब 40 मिनट तक चली इस मैराथन बैठक में उत्तर प्रदेश से जुड़े कई बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होने की खबर है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को केवल एक ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया गया है, लेकिन यूपी के मौजूदा हालातों को देखते हुए इस बैठक के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद और सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब अयोध्या राम मंदिर में दान की रकम में हेरफेर और चोरी के मामले को लेकर विपक्ष सरकार और ट्रस्ट पर लगातार हमलावर है। इस संवेदनशील मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी मंदिर ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। दिल्ली में हुई इस बैठक में सीएम योगी और अमित शाह के बीच इस कानूनी और राजनीतिक संकट से निपटने की रणनीति पर चर्चा होने की प्रबल संभावना है।

समय पूर्व चुनाव की अटकलें और यूपी का सियासी समीकरण

राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि उत्तर प्रदेश में तय समय से पहले विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। प्रदेश में इन दिनों ताबड़तोड़ तरीके से तमाम बड़ी विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं, जिसे समय पूर्व चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

हाल ही में उत्तर प्रदेश के सियासी हालातों को समझने के लिए हुए बड़े घटनाक्रमों का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:

नेता/पदाधिकारी हालिया राजनीतिक गतिविधि (UP दौरा) मुख्य एजेंडा और संदेश
सीएम योगी आदित्यनाथ दिल्ली में अमित शाह से 40 मिनट की मुलाकात। राम मंदिर विवाद, आगामी चुनाव और यूपी की विकास योजनाओं पर मंत्रणा।
नितिन नवीन (BJP अध्यक्ष) दो दिवसीय विस्तृत उत्तर प्रदेश दौरा। सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ मैराथन बैठकें।
संगठन व जनप्रतिनिधि राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पर शक्ति केंद्र संयोजकों की बैठक। आंतरिक गुटबाजी खत्म करने और 2024 लोकसभा चुनाव की कमियों को सुधारने का निर्देश।

राहुल-अखिलेश पर भाजपा का तीखा पलटवार

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने यूपी दौरे के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए साफ कर दिया था कि राम मंदिर विपक्ष के लिए केवल एक राजनीतिक मुद्दा हो सकता है, लेकिन भाजपा के लिए यह अटूट आस्था का केंद्र है। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “राहुल और अखिलेश सुन लें, देश का हिंदू इस मुद्दे पर भ्रमित होने वाला नहीं है।”

इसके साथ ही उन्होंने यूजीसी (UGC) जैसे संवेदनशील मसलों पर पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों को एकजुट रहने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने साफ कहा कि मतभेदों को दरकिनार कर सभी को पार्टी के मूल एजेंडे और नीतियों के साथ लामबंद रहना होगा। भाजपा ने इन मैराथन बैठकों के जरिए राज्य में चुनावी शंखनाद कर दिया है, ताकि साल 2024 की कमियों को दूर कर आगामी विधानसभा चुनाव में जीत की नई इबारत लिखी जा सके।

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