
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। अन्नदाता की इस पीड़ा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM) को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है। सीएम ने अफसरों को दो टूक कहा है कि वे दफ्तरों से निकलकर खेतों में जाएं, नुकसान का जायजा लें और मुआवजे की रिपोर्ट जल्द से जल्द शासन को भेजें।
‘अन्नदाता’ का हित सर्वोपरि: संयुक्त सर्वे के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे आपसी समन्वय बनाकर तत्काल ‘संयुक्त सर्वे’ (Joint Survey) शुरू करें। उन्होंने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उनकी सूची पारदर्शी तरीके से तैयार की जाए। सीएम ने प्राथमिकता तय करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नुकसान का सटीक आकलन कर रिपोर्ट राहत आयुक्त कार्यालय को भेजी जाए ताकि मुआवजा वितरण में देरी न हो।
डीएम खुद उतरें मैदान में, राहत आयुक्त रखें सीधा संपर्क
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे स्वयं फील्ड में रहकर वस्तुस्थिति का मुआयना करें। उन्होंने प्रमुख सचिव (कृषि) और राहत आयुक्त को निर्देश दिया कि वे जिलों में तैनात अधिकारियों के साथ सीधा संवाद बनाए रखें। सीएम ने कहा, “सरकार हर आपदा में प्रदेशवासियों के साथ है। पिछले दिनों हुई बारिश का मुआवजा पहले ही वितरित किया जा रहा है और बुधवार को हुई क्षति की भरपाई भी समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए।”
संवेदनशीलता के साथ कार्य करें अधिकारी
राजधानी लखनऊ स्थित अपने कार्यालय से निर्देश जारी करते हुए योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को याद दिलाया कि किसान हित सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बेमौसम बरसात से किसान मानसिक और आर्थिक रूप से टूट जाता है, ऐसे में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सर्वे की प्रक्रिया में कोई भी पात्र किसान छूटने न पाए और भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
दबंगों और लापरवाही पर भी सीएम का कड़ा रुख
एक ओर जहां सीएम ने आपदा प्रभावित किसानों को मरहम लगाने की कोशिश की है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने स्पष्ट चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है या विकास कार्यों में मुआवजे को लेकर हीलाहवाली हो रही है, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आजमगढ़ से लेकर आगरा तक के ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स और मुआवजे से जुड़ी शिकायतों का भी संज्ञान लिया है।
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