
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह नगर गोरखपुर में विकास कार्यों ने एक नई रफ्तार पकड़ ली है। सर्च इंजन और गूगल डिस्कवर (GEO) ट्रेंड्स में गोरखपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स लगातार छाए हुए हैं। इसी कड़ी में, गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने राजघाट से लेकर डोमिनगढ़ तक राप्ती नदी के किनारे करीब 3.5 किलोमीटर की लंबाई में एक भव्य ‘राप्ती रिवर फ्रंट’ बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। लगभग 1303 करोड़ रुपये के इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है। जल्द ही सिंचाई विभाग के साथ इसके तकनीकी पहलुओं का परीक्षण कर इसे शासन की अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
तीन चरणों में साकार होगा रिवर फ्रंट का सपना
परियोजना के ब्लूप्रिंट के अनुसार, राप्ती नदी के तट से लेकर हार्बर्ट बांध की फोरलेन सड़क तक लगभग 150 मीटर चौड़े क्षेत्र को तीन अलग-अलग चरणों में पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म किया जाएगा:
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पहला चरण: पर्यटकों और स्थानीय लोगों के मनोरंजन के लिए एक शानदार ‘अर्बन हाट’ और प्राकृतिक ‘ईको पार्क’ विकसित किया जाएगा।
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दूसरा चरण: फोरलेन सड़क से एक सुगम सार्वजनिक प्रवेश मार्ग बनेगा, जिसके साथ ही लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक ‘योगा सेंटर’ जैसी सुविधाएं तैयार की जाएंगी।
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तीसरा चरण: इस चरण में एक अत्याधुनिक ‘कन्वेंशन सेंटर’ का निर्माण होगा, जहां भविष्य में बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन तथा भव्य प्रदर्शनियां आयोजित की जा सकेंगी।
दिल्ली के ‘यमुना रिवर फ्रंट’ की तर्ज पर मिलेंगी सुविधाएं
आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के नजरिए से यह प्रोजेक्ट शहर की लाइफस्टाइल को पूरी तरह अपग्रेड कर देगा। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोयल ने स्पष्ट किया है कि इसे यमुना रिवर फ्रंट की तर्ज पर ही विकसित किया जाएगा। पूरे रिवर फ्रंट एरिया में चमचमाती सड़कें, लैंडस्केपिंग, कियोस्क और ओपन पब्लिक स्पेस होंगे। राप्ती नदी की लहरों का लुत्फ उठाने के लिए खास प्लेटफॉर्म और जेटी (Jetty) बनेंगे, जहां से बोटिंग की सुविधा मिलेगी। वहीं, हार्बर्ट बांध की ओर के पूरे हिस्से को ‘ग्रीन बेल्ट’ घोषित कर हरियाली से आच्छादित किया जाएगा।
बाढ़ से सुरक्षा के लिए फूलप्रूफ तकनीकी रणनीति
राप्ती नदी का जलस्तर बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ता है, इसलिए इस करोड़ों के प्रोजेक्ट की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जीडीए और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमें इस बात का बारीकी से तकनीकी परीक्षण कर रही हैं कि भारी बाढ़ के दौरान रिवर फ्रंट को कैसे पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। जलस्तर घटने और बढ़ने की स्थिति में विकास कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेषज्ञों के सुझाव लिए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर डीपीआर में जरूरी तकनीकी संशोधन भी किए जाएंगे।
युवाओं के लिए सौगात: डीडीयू के सामने ‘फूड स्ट्रीट हब’
रिवर फ्रंट के साथ-साथ गोरखपुर के युवाओं और फूड ब्लॉकर्स के लिए भी एक शानदार खबर है। दीन दयाल उपाध्याय (DDU) गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने स्थित पंडित गोविंद बल्लभ पंत पार्क के पास स्मार्ट रोड पर एक बेहद आधुनिक ‘फूड स्ट्रीट हब’ का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया है। करीब 3.39 करोड़ रुपये की लागत से यह 150 मीटर लंबा फूड कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है।
हेरिटेज थीम और शानदार सिटिंग अरेंजमेंट
इस ‘फूड स्ट्रीट हब’ को गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने के लिए खास ‘हेरिटेज थीम’ पर डिजाइन किया जा रहा है। यहां हेरिटेज लुक वाली 35 वेंडर कार्ट (दुकानें) लगाई जाएंगी। युवाओं और परिवारों के बैठने के लिए 8 बेहद आकर्षक केनोपी (Canopies) स्थापित होंगी, जिनमें आरामदायक कुर्सियां लगाई जाएंगी। स्मार्ट सड़क के पाथवे के दोनों ओर शानदार हरियाली भी विकसित की जाएगी, जो इसे गोरखपुर का सबसे प्रीमियम और आकर्षक हैंगआउट डेस्टिनेशन बना देगी।
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