लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के करोड़ों ‘श्रमवीरों’ को बड़ी सौगातें देते हुए शोषण करने वालों को कड़ा संदेश दिया है। ‘श्रमवीर गौरव समारोह’ को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रमिकों का हक मारने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने नियोक्ताओं को चेतावनी दी कि श्रमिकों को उनके पसीने की पूरी कीमत मिलनी चाहिए, अन्यथा सरकार उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
15.83 करोड़ श्रमिक परिवारों को 5 लाख का सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के कल्याण के लिए खजाना खोलते हुए घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के 15.83 करोड़ निर्माण श्रमिक परिवारों को अब 5 लाख रुपये तक के मुफ्त स्वास्थ्य बीमा की सुविधा दी जाएगी। इस ऐतिहासिक कदम से प्रदेश के करीब 80 लाख लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। सीएम ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में कोई भी श्रमिक अब इलाज के अभाव में बेबस नहीं रहेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं का महाविस्तार: 34 जिलों में खुलेंगे अस्पताल
श्रमिकों को उनके घर के पास ही बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए सरकार ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है:
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ग्रेटर नोएडा: नॉलेज पार्क में 7 एकड़ भूमि पर 300 बेड का अत्याधुनिक ईएसआईसी (ESIC) अस्पताल बनेगा।
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गोरखपुर: अस्पताल के लिए 5 एकड़ भूमि चिह्नित कर ली गई है।
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34 अन्य जिले: प्रदेश के 34 अन्य जिलों में भी ईएसआईसी अस्पताल खोले जाएंगे, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों को राहत मिलेगी।
नया वेज बोर्ड और किफायती आवास की योजना
श्रमिकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सीएम योगी ने नए वेज बोर्ड के गठन के निर्देश दिए हैं। बोर्ड की सिफारिशें लागू होते ही श्रमिकों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा, औद्योगिक क्लस्टर्स के पास श्रमिकों के लिए सस्ती कैंटीन और डोर्मेट्री (Dormitory) विकसित की जाएंगी। आवास विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी नीतियों में बदलाव कर श्रमिकों को कार्यस्थल के निकट ही किफायती घर उपलब्ध कराए।
जेवर में श्रमिकों के बच्चों के लिए बनेगा कंपोजिट विद्यालय
श्रमिकों के बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा देने के उद्देश्य से सीएम ने जेवर में ‘मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय’ का शिलान्यास किया। यह स्कूल अटल आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब श्रमिकों के बच्चे शिक्षित होंगे, तभी वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर प्रदेश के विकास में योगदान दे सकेंगे।
औद्योगिक शांति और विकास का मंत्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि श्रमिक और उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने श्रमिकों से किसी के बहकावे में न आने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश में औद्योगिक शांति का वातावरण ही उनकी तरक्की का आधार है। सरकार का लक्ष्य भविष्य में बीमा कंपनियों और उद्योगों के समन्वय से एक करोड़ श्रमिक परिवारों को पूर्ण स्वास्थ्य कवच प्रदान करना है।
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