मल का रंग खोलता है सेहत के बड़े राज: जानिए किस रंग की पॉटी देती है कौन सी बीमारी का संकेत

नई दिल्ली: शरीर के स्वस्थ रहने के कई ऐसे संकेत होते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इनमें से एक सबसे महत्वपूर्ण संकेत है मल (Poop) का रंग। आमतौर पर इसे सिर्फ एक दैनिक शारीरिक प्रक्रिया माना जाता है, लेकिन चिकित्सीय विज्ञान के अनुसार मल का रंग आपके पाचन तंत्र, लीवर, आंतों और आहार के बारे में सटीक जानकारी देता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पाचन क्रिया में होने वाले छोटे-बड़े बदलाव या किसी अंदरूनी बीमारी का पहला लक्षण मल के रंग में बदलाव के रूप में ही सामने आता है।

कौन-सा रंग क्या संकेत देता है? (Poop Color Chart)

मल का रंग मुख्य रूप से लीवर से निकलने वाले पित्त (Bile) और आपके द्वारा खाए गए भोजन पर निर्भर करता है। विभिन्न रंगों का स्वास्थ्य अर्थ नीचे दिए गए चार्ट में समझा जा सकता है:

मल का रंग संभावित कारण चिंता की बात? / सलाह
भूरा (Brown) पित्त (Bile) और सामान्य पाचन क्रिया पूर्णतः सामान्य: स्वस्थ पाचन तंत्र का प्रतीक।
हरा (Green) हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक या तेजी से पचना सामान्य: घबराने की बात नहीं, डाइट पर निर्भर।
नारंगी (Orange) गाजर, शकरकंद (बीटा-कैरोटीन युक्त भोजन) सामान्य: भोजन पचाने की प्रक्रिया से जुड़ा है।
पीला (Yellow) शरीर द्वारा फैट या न्यूट्रिएंट्स न सोख पाना सावधानी जरूरी: मालएब्जॉर्प्शन या सीलिएक रोग का संकेत।
काला (Black/Tar-like) पेट के ऊपरी हिस्से (Upper GI Tract) में ब्लीडिंग गंभीर: तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
लाल (Red) पेट के निचले हिस्से या आंतों में अंदरूनी खून गंभीर: बीटरूट/कलर न खाया हो, तो तुरंत जांच कराएं।

किन रंगों को भूलकर भी न करें इग्नोर?

  1. काले रंग का चिपचिपा मल: यदि मल का रंग अचानक काला या टार की तरह चिपचिपा दिखने लगे, तो यह पेट या भोजन नली के ऊपरी हिस्से में आंतरिक रक्तस्राव (Internal Bleeding) का गंभीर संकेत हो सकता है।

  2. लाल रंग का मल: यदि आपने हाल ही में चुकंदर (Beetroot) या लाल खाद्य रंगों का सेवन नहीं किया है और फिर भी मल में लालिमा दिखे, तो यह बवासीर (Piles), आंतों में कट या निचले पेट में ब्लीडिंग का लक्षण हो सकता है।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

खान-पान में बदलाव के कारण एक-दो दिन मल का रंग बदलना सामान्य है। हालांकि, यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार कई दिनों तक मल का रंग बदला रहे, पेट में दर्द, कमजोरी या वजन घटने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (Gastroenterologist) से परामर्श लेना चाहिए।

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