कच्चे तेल पर संकट: ईरान ने सऊदी अरब की अरामको रिफाइनरी को ड्रोन से दहलाया, भीषण आग के बाद प्लांट बंद; दुनियाभर में तेल की कीमतें बढ़ने का डर

रियाद/वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में जारी खूनी संघर्ष के बीच अब पूरी दुनिया की ‘लाइफलाइन’ कहे जाने वाले तेल के ठिकानों पर हमला शुरू हो गया है। ईरान ने दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) की ‘रास तनुरा’ रिफाइनरी पर भीषण ड्रोन हमला किया है। इस हमले के बाद रिफाइनरी के एक हिस्से में आग लग गई, जिसके चलते एहतियातन प्लांट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। इस घटना ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है और आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।

ड्रोन हमले से दहला रास तनुरा, आसमान में दिखा काला धुआं

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पूर्वी प्रांत में स्थित अरामको की प्रमुख रिफाइनरी को निशाना बनाकर कई सुसाइड ड्रोन दागे गए। हालांकि सऊदी एयर डिफेंस ने कुछ ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया, लेकिन उनके मलबे रिफाइनरी के संवेदनशील हिस्से पर गिरने से वहां भीषण आग लग गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रिफाइनरी से काले धुएं के विशाल गुबार निकलते देखे जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन सुरक्षा कारणों से रिफाइनरी का संचालन रोक दिया गया है।

ईरान ने दी ‘महाविनाश’ की चेतावनी, तेल सप्लाई ठप

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस’ का हिस्सा बताया है। ईरान का दावा है कि जब तक अमेरिका और इजरायल अपनी सैन्य कार्रवाई नहीं रोकते, तब तक क्षेत्र के तेल ठिकानों और अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे। रास तनुरा रिफाइनरी दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यात टर्मिनलों में से एक है, जहां से रोजाना लाखों बैरल तेल की सप्लाई होती है। इसके बंद होने से सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।

ट्रंप सरकार का सख्त रुख, युद्ध और भड़कने के आसार

इस हमले के बाद व्हाइट हाउस की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने इसे ‘वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा प्रहार’ बताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) छेड़ रखा है, और अब अरामको पर हमले के बाद अमेरिका ईरान के तेल ठिकानों और बंदरगाहों पर और भी घातक हमले कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह जंग लंबी खिंची, तो दुनिया 1970 के दशक जैसे तेल संकट का सामना कर सकती है।

भारत समेत दुनिया भर में मचेगी महंगाई की मार?

अरामको पर हमले की खबर मिलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत का उछाल देखा गया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा सऊदी अरब से आयात करता है। ऐसे में अगर रास तनुरा रिफाइनरी लंबे समय तक बंद रहती है, तो भारतीय बाजार में भी ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर महंगाई का बोझ और बढ़ जाएगा।

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