आज के दौर में मोटापा और बढ़ती तोंद भारत में एक बहुत बड़ी समस्या बन चुके हैं। वजन कम करने और पेट की लटकती चर्बी से छुटकारा पाने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते—घंटों जिम में पसीना बहाना, सख्त डाइटिंग करना, योग का सहारा लेना और तरह-तरह की दवाइयां आजमाना। इसके बावजूद, बहुत से लोगों की शिकायत होती है कि उनका वजन थोड़ा भी कम नहीं हो रहा है। मोटापा न सिर्फ आपकी शारीरिक बनावट (Look) को खराब करता है, बल्कि थायराइड, टाइप-2 डायबिटीज, हाई बीपी और हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है।
अक्सर लोग मानते हैं कि वजन घटाने का एकमात्र फॉर्मूला है—कम खाना और ज्यादा कसरत करना। लेकिन मेदांता हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (पेट रोग विशेषज्ञ) डॉ. सुक्रित सूद ने इस धारणा को बदलते हुए वजन न घटने के पीछे की कुछ ऐसी चौंकाने वाली वजहें बताई हैं, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
वजन घटाने की राह में रोड़ा बनता है कमजोर पाचन तंत्र
डॉ. सुक्रित सूद के अनुसार, यदि आप रोज हैवी वर्कआउट कर रहे हैं और सख्त डाइटिंग पर हैं, फिर भी आपका वजन कम नहीं हो रहा है, तो इसका सीधा संबंध आपके पाचन तंत्र (Digestive System) से हो सकता है। जब आपका पाचन तंत्र कमजोर होता है, तो शरीर कैलोरी और फैट को सही तरीके से बर्न नहीं कर पाता है। वजन घटाने की पूरी प्रक्रिया में हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म (Metabolism) सबसे मुख्य भूमिका निभाता है। धीमा मेटाबॉलिज्म वजन को एक ही जगह पर लॉक कर देता है।
गट बैक्टीरिया का बिगड़ता संतुलन और अनहेल्दी फूड्स
डॉक्टर बताते हैं कि ज्यादातर भारतीय खानपान में तेल, मैदा, चीनी और प्रोसेस्ड फूड की मात्रा बहुत अधिक होती है। इन चीजों के अत्यधिक सेवन से हमारे पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया (Gat Bacteria) का संतुलन बिगड़ जाता है। पेट की गड़बड़ी के कारण पूरे शरीर में आंतरिक सूजन (Inflammation) आ जाती है, जिससे वेट लॉस करना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इसके अलावा, चीनी और रिफाइंड ऑयल की वजह से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (जैसे कोर्टिसोल) का स्तर बढ़ता है, जो नींद में कमी और वजन बढ़ने का कारण बनता है।
ज्यादा डाइटिंग करने से ‘स्टार्वेशन मोड’ में चला जाता है शरीर
अक्सर लोग वजन घटाने के चक्कर में केवल कैलोरी काउंट करने लगते हैं और खाना बेहद कम कर देते हैं। ऐसा करने से शरीर में प्रोटीन, फाइबर और जरूरी विटामिंस की भारी कमी हो जाती है। जब आप लंबे समय तक बहुत कम खाना खाते हैं, तो आपका शरीर ‘स्टार्वेशन मोड’ (भूखमरी की स्थिति) में चला जाता है। इस स्थिति में शरीर बची हुई एनर्जी और फैट को बचाने के लिए मेटाबॉलिज्म को बेहद धीमा कर देता है, जिससे वजन घटने के बजाय वहीं रुक जाता है।
डॉक्टर के बताए इन 5 टिप्स से तेजी से घटेगा फैट
यदि आप वाकई वैज्ञानिक और सही तरीके से वजन कम करना चाहते हैं, तो डॉक्टर की बताई इन बातों को कम से कम 1 महीने तक सख्ती से फॉलो करें:
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डाइट में शामिल करें प्रोटीन और फाइबर: केवल कैलोरी कम न करें, बल्कि अपने भोजन में दालें, पनीर, अंडे, हरी सब्जियां और अंकुरित अनाज जैसी हाई प्रोटीन और हाई फाइबर वाली चीजों को शामिल करें। शरीर के लिए संतुलित मात्रा में कार्ब्स और गुड फैट्स भी बेहद जरूरी हैं।
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भोजन का समय (Mil Timings) करें फिक्स: सुबह जल्दी उठकर सही समय पर पौष्टिक नाश्ता करें। दोपहर का लंच 1 से 2 बजे के बीच कर लें और लंच व डिनर के बीच भूख लगने पर मखाने या नट्स जैसे हेल्दी स्नैक्स खाएं।
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रात को 8 बजे तक कर लें डिनर: वजन घटाने का सबसे सुनहरा नियम है कि रात का खाना हर हाल में 8 बजे तक खा लिया जाए। जल्दी डिनर करने से सोने से पहले भोजन अच्छी तरह पच जाता है और वह फैट के रूप में जमा नहीं होता।
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रोजाना वॉक और सही एक्सरसाइज: घंटों तक जिम में ऐसा वर्कआउट करने से बचें जो आपके शरीर को सूट नहीं करता। इसकी जगह नियमित रूप से 30-45 मिनट की मॉर्निंग या नाइट वॉक (डिनर के बाद टहलना) का नियम बनाएं। यह पेट की चर्बी को तेजी से पिघलाता है।
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7-8 घंटे की गहरी नींद है जरूरी: जब तक आपका शरीर पूरी तरह रिलैक्स नहीं होगा, तब तक फैट बर्निंग प्रोसेस धीमा रहेगा। इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की बिना किसी बाधा वाली गहरी नींद जरूर लें, जिससे स्ट्रेस हार्मोन कम हो सकें।
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