
अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच प्रबंधन को अधिक पेशेवर व व्यवस्थित बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया शुरू की है।
राम मंदिर ट्रस्ट का प्रबंधन संभालने वाले इस शीर्ष प्रशासनिक पद के लिए देश भर के कई वरिष्ठ पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों (Retires IAS/IPS/State Civil Officers) और योग्य उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। ट्रस्ट के मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, महासचिव चंपत राय और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के पैनल द्वारा उम्मीदवारों का साक्षात्कार (Interview) लिया गया। इस दौरान उम्मीदवारों की केवल प्रशासनिक क्षमता ही नहीं, बल्कि उनके निजी जीवन, धार्मिक आचरण और नैतिक मूल्यों को परखने के लिए 18 विशेष सवाल पूछे गए।
साक्षात्कार में उम्मीदवारों से पूछे गए 18 प्रमुख सवाल
पैनल द्वारा साक्षात्कार देने आए प्रत्येक उम्मीदवार से एक-एक करके 18 कड़े और विशिष्ट प्रश्न पूछे गए, जो उम्मीदवारों की जीवनशैली और धार्मिक निष्ठा से जुड़े थे:
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क्या आप जनेऊ (यज्ञोपवीत) धारण करते हैं?
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क्या आपकी खान-पान की आदतें पूरी तरह शाकाहारी हैं? क्या आपने कभी नॉन-वेज (मांसाहार) का सेवन किया है?
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क्या आप नियमित रूप से संध्यावंदन, पूजा-पाठ और शास्त्रों का अध्ययन करते हैं?
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क्या आपके पास किसी भी प्रकार का कोई व्यसन (शराब, तंबाकू या धूम्रपान) है?
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क्या आप कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) या किसी सनातन धार्मिक संगठन से जुड़े रहे हैं?
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क्या आपका कोई पुलिस रिकॉर्ड या आपराधिक पृष्ठभूमि रही है?
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क्या आप अयोध्या में ही स्थायी रूप से रहकर 24×7 मंदिर की सेवा और प्रबंधन के लिए तैयार हैं?
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लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ (Crowd Management) को नियंत्रित करने का आपके पास क्या व्यावहारिक अनुभव है?
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मंदिर के विशाल वित्तीय लेनदेन और दान (Donations & Temple Audit) को पारदर्शी बनाए रखने की आपकी क्या योजना है?
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राम जन्मभूमि आंदोलन के इतिहास और इसके संघर्षों के बारे में आपकी क्या समझ है?
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मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और सीआईएसएफ/यूपी पुलिस के साथ तालमेल बिठाने का आपका क्या अनुभव है?
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क्या आपने कभी किसी बड़े धार्मिक ट्रस्ट, मठ या कुंभ मेला जैसे विशाल आयोजनों का सफल प्रबंधन किया है?
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मंदिर कर्मचारियों, पुजारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच अनुशासन बनाए रखने के लिए आप क्या कदम उठाएंगे?
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वीआईपी (VIP) श्रद्धालुओं के दर्शन और आम श्रद्धालुओं की सुलभ दर्शन व्यवस्था के बीच संतुलन कैसे बनाएंगे?
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क्या आप किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष काम करने में सक्षम हैं?
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अयोध्या के स्थानीय साधु-संतों और अखाड़ों के साथ समन्वय व सम्मानजनक संबंध बनाए रखने की आपकी क्या रणनीति होगी?
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आपातकालीन स्थितियों (जैसे भगदड़, मौसम की मार या सुरक्षा संकट) से निपटने के लिए आपके पास क्या ‘क्राइसिस मैनेजमेंट’ प्लान है?
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श्रीराम जन्मभूमि की मर्यादा और गरिमा को बनाए रखने के लिए एक समर्पित सेवक के रूप में आपकी क्या सोच है?
क्यों रखे गए ये सख्त धार्मिक और नैतिक नियम?
राम मंदिर ट्रस्ट के सूत्रों और प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर केवल एक सरकारी या व्यावसायिक संस्थान नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म की आस्था का सर्वोच्च केंद्र है।
सीईओ के पद पर आसीन होने वाले व्यक्ति को न केवल बड़े बजटीय फैसले और सुरक्षा प्रबंधन देखना होगा, बल्कि मंदिर की पावन मर्यादा, रीति-रिवाजों और शुचिता का पूरी निष्ठा से पालन भी करना होगा। यही वजह है कि शुद्ध शाकाहारी जीवन शैली, जनेऊ धारण करने की धार्मिक परंपरा, व्यसन-मुक्त आचरण और सनातनी मूल्यों के प्रति गहरी आस्था को सीईओ पद की अनिवार्य अर्हता (Eligibility) में शामिल किया गया है।
जल्द होगी नए सीईओ के नाम की आधिकारिक घोषणा
साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रस्ट द्वारा चुने गए शीर्ष 2 से 3 उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आगामी बैठक में सर्वसम्मति के बाद नए सीईओ के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। चयनित अधिकारी अयोध्या में राम मंदिर परिसर के संपूर्ण दिन-प्रतिदिन के प्रबंधन, सुरक्षा समन्वय और श्रद्धालु सुविधाओं की कमान संभालेंगे।
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