
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में दुनिया को आगाह किया है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने वैश्विक सुरक्षा और परमाणु हथियारों के नियंत्रण को लेकर बेहद सख्त टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका भविष्य में वैसी समस्याओं को दोबारा सिर नहीं उठाने देगा, जिनसे दुनिया की शांति को खतरा हो। ट्रंप का इशारा उन देशों और नेतृत्व की ओर था जिन्हें वे वैश्विक सुरक्षा के लिए ‘अस्थिर’ मानते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि परमाणु शक्ति जैसे विनाशकारी हथियारों का नियंत्रण गैर-जिम्मेदार हाथों में होना पूरी मानवता के लिए खतरा है।
‘पागल लोगों’ के नियंत्रण में परमाणु हथियारों पर ट्रंप का प्रहार
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में ‘पागल लोगों’ (Crazy People) शब्द का इस्तेमाल करते हुए कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “हम दोबारा कभी वैसी समस्या नहीं चाहते, जैसी पहले देखी गई है। पागल लोगों के साथ तो बिल्कुल भी नहीं। हम ऐसे लोगों के नियंत्रण में परमाणु हथियार रहने देने का जोखिम नहीं उठा सकते जो संतुलन खो चुके हों।” हालांकि ट्रंप ने किसी विशेष देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देशों के संदर्भ में देखा जा रहा है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि परमाणु तकनीक केवल सुरक्षित और जिम्मेदार हाथों में ही रहे।
युद्ध के मोर्चे पर ट्रंप का बड़ा दावा: ‘हम बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं’
वैश्विक संघर्षों और जारी सैन्य कार्रवाइयों पर बात करते हुए ट्रंप काफी आश्वस्त नजर आए। उन्होंने युद्ध की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “युद्ध बहुत अच्छे से आगे बढ़ रहा है। हमारी सेना और रणनीतियां धरातल पर बहुत बढ़िया काम कर रही हैं।” ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और उसके सहयोगियों का दबदबा बढ़ रहा है और वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के बेहद करीब हैं। राष्ट्रपति के इस बयान ने संकेत दिया है कि अमेरिका अपनी सैन्य नीतियों में किसी भी तरह की नरमी बरतने के मूड में नहीं है और आने वाले दिनों में दबाव की यह राजनीति और तेज हो सकती है।
व्हाइट हाउस की नई रणनीति: ‘नो कॉम्प्रोमाइज’
ट्रंप के इस बयान से साफ है कि व्हाइट हाउस अब सुरक्षा के मुद्दे पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहा है। परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने और वैश्विक संघर्षों में अमेरिकी वर्चस्व को बनाए रखने के लिए ट्रंप प्रशासन नई और कड़ी योजनाएं बना रहा है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख वैश्विक कूटनीति में बड़ी हलचल पैदा कर सकता है। राष्ट्रपति ने अंत में दोहराया कि उनका प्रशासन अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के लिए कोई भी बड़ा फैसला लेने से पीछे नहीं हटेगा।
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