1973 से भी भयानक ऊर्जा संकट: IEA प्रमुख की चेतावनी—’दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी ऐसी तबाही’

नई दिल्ली/पेरिस। पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध ने अब पूरी दुनिया की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने एक ऐसी चेतावनी जारी की है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हड़कंप मचा दिया है। बिरोल के मुताबिक, ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी इस जंग के कारण उत्पन्न हुआ तेल और गैस का संकट साल 1973, 1979 और 2002 के ऐतिहासिक संकटों से कहीं अधिक गंभीर है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मानवता के इतिहास में ऊर्जा आपूर्ति में इतनी बड़ी बाधा पहले कभी नहीं देखी गई।

होर्मुज की नाकाबंदी: वैश्विक अर्थव्यवस्था का गला घोंटा

फ्रांसीसी समाचार पत्र ‘ले फिगारो’ को दिए साक्षात्कार में फातिह बिरोल ने बताया कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की नाकाबंदी दुनिया के लिए काल साबित हो रही है। बता दें कि विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन इसी संकरे समुद्री रास्ते से होता है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर यातायात रोकने से वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतों में आग लग गई है। बिरोल ने आगाह किया कि इसका सबसे बुरा असर विकासशील देशों पर पड़ेगा, जहां तेल-गैस की महंगाई सीधे खाद्यान्न संकट और कमरतोड़ मुद्रास्फीति (Inflation) को जन्म देगी।

ट्रंप की ‘डेडलाइन’ और संयुक्त राष्ट्र की चिंता

ऊर्जा संकट के बीच राजनीतिक पारा भी सातवें आसमान पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को सीधी चेतावनी दी है। ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे तक की मोहलत देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज का रास्ता नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों और बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया जाएगा। ट्रंप की इस धमकी ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की नींद उड़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है।

क्या ‘युद्ध अपराध’ की श्रेणी में आएंगे ये हमले?

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने साफ किया है कि नागरिक बुनियादी ढांचे, विशेषकर बिजली घरों और ऊर्जा केंद्रों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के खिलाफ है। महासचिव गुतारेस ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे संघर्ष के दौरान अपने दायित्वों का पालन करें। जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रंप द्वारा दी गई धमकी के अनुरूप हमले ‘युद्ध अपराध’ माने जाएंगे, तो उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा और इसका फैसला अदालत करेगी।

रणनीतिक तेल भंडार और भविष्य की चुनौती

हालात को संभालने के लिए आईईए के सदस्य देशों ने अपने रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Oil Reserves) से ईंधन जारी करना शुरू कर दिया है। फातिह बिरोल ने पुष्टि की कि कुछ मात्रा बाजार में आ चुकी है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज का संकट लंबा खिंचा, तो ये भंडार भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित होंगे। फिलहाल, पाकिस्तान जैसे देशों में तेल की कमी के कारण लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं, जो इस बात का संकेत है कि दुनिया एक बड़े ‘अंधेरे’ की ओर बढ़ रही है।

Check Also

‘युद्ध का कोई सैन्य हल नहीं, सिर्फ एक ही रास्ता’: ईरान ने अमेरिका को दिया सीधा संदेश, होर्मुज पर कड़ा रुख

मध्य पूर्व में बढ़ते भीषण तनाव और अमेरिकी दबाव के बीच ईरान ने वाशिंगटन को …